भारत ने अमेरिका में अवैध तरीके से रह रहे 576 भारतीयों को यात्रा दस्तावेज (ट्रैवल डॉक्यूमेंट) जारी किया है ताकि उन्हें जेल जाने से बचाया जा सके। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि भारत अमेरिका की ओर से भेजे गए अवैध रूप से रह रहे भारतीयों की सूची पर आंख मूंद कर यकीन नहीं कर रहा। भारत ने अमेरिका से कहा है कि वह अपने दावे के साथ सुबूत भी दे।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आश्वस्त किया है कि अमेरिका में काम कर रहे आईटी पेशेवर भारतीयों की नौकरी पर आंच नहीं आने दी जाएगी। राज्यसभा में विदेश मंत्री ने ने कहा कि सरकार डोनाल्ड ट्रंप सरकार के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रही है। बृहस्पतिवार को प्रश्न काल के दौरान सपा नेता अमर सिंह ने अमेरिका में रह रहे पेशेवरों के एच1बी और एल1 वीजा को लेकर ट्रंप सरकार के सख्त रुख से संबंधित सवाल उठाया।
जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस में वीजा से संबंधित तीन बिल पर विचार जरूर हो रहा है, लेकिन भारत कूटनीतिक चैनल के जरिए अपना पक्ष रखने में कामयाब हो रहा है। ट्रंप सरकार को यह समझ में आने लगा है कि भारतीय पेशेवर उनकी नौकरियां नहीं चुरा रहे, बल्कि उनकी अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान कर रहे हैं।
सुषमा ने जानकारी दी कि ट्रंप सरकार ने अमेरिका में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे 2 लाख 60 हजार भारतीयों के बारे में सूचित किया है, लेकिन भारत इससे संबंधित ठोस सुबूत मांग रहा है। सरकार कथित अवैध भारतीयों को यात्रा दस्तावेज जारी कर उनके वापस आने की व्यवस्था भी कर रही है।