विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि अभी तक अमेरिका में किसी की भी नौकरी नहीं गई है। उन्होंने कहा अभी तक अमेरिका ने कोई ऐसी नीति घोषित नहीं की है जिससे भारतीयों को नुकसान हुआ हो।
विदेश मंत्री ने बताया कि अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर चार बिल आए, छह बिल आउट सोर्सिंग को लेकर और तीन बिल इमीग्रेशन के संबंध में हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि अनिश्चितता है।
लोगों को खतरा है कि नौकरियां चली जाएंगी, लेकिन सरकार केवल बातचीत नहीं कर रही है बल्कि तर्कों के साथ उन्हें बता रही है कि हमारे रिश्ते परस्पर लाभदायक हैं। वामपंथी सीताराम येचुरी और सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने अमेरिकी वीजा प्रतिबंध और उससे होने वाले नुकसान पर पूरक प्रश्न उठाया था।
मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने वहां की कांग्रेस में अपना तर्क रखा है। उन्हें बताया गया है कि करीब एक लाख छप्पन हजार एच-1बी वीजा की बात नहीं है। चार लाख भारतीय अमेरिका में योगदान देते हैं। दो बिलियन डॉलर का निवेश किया गया है।
भारतीय वहां करीब बीस बिलियन टैक्स देते हैं। 7 बिलियन सोशल सिक्योरिटी में जमा करते हैं। अमेरिका से भारत के रिश्ते परस्पर लाभदायक हैं। भारत का नुकसान होगा तो उनका भी नुकसान होगा। सरकार ने पूरे तर्क के साथ भारतीयों के हितों की रक्षा की बात रखी है।