लोकसभा में स्पीकर सुमित्रा महाजन बृहस्पतिवार को अरसे बाद पूरे रौ में दिखीं। प्रश्नकाल के दौरान कई बार सदस्यों के बीच हुई झड़पों के दौरान दिलचस्प टिप्पणियां कर सदन को हंसने पर मजबूर किया।
मसलन कृष्णा नदी जल बंटवारे पर जब तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के सदस्यों के बीच बहस रुकने का नाम नहीं ले रही थी तो स्पीकर ने कहा, ‘ऐसे ही लड़ते रहे तो सरस्वती नदी की तरह अन्य नदियां भी विलुप्त हो जाएंगी।’
पूर्व ऊर्जा मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के बीच हो रही जबर्दस्त बहस के बीच जब कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कांतिलाल भूरिया कूदे तो स्पीकर ने उन्हें युवाओं के बीच न पड़ने की सलाह दी।
प्रश्नकाल के दौरान पानी और बिजली के सवाल पर सदन में जबर्दस्त टोका टाकी हुई। इस टोका टाकी के दौरान स्पीकर ने टिप्पणियों से माहौल को हल्का बनाया। बहस में उलझे सिंधिया और पीयूष गोयल को स्पीकर ने बार-बार शांत करने की कोशिश की।
गोयल ने कहा कि मेरी बात से सिंधिया और कांग्रेस को चोट लग रही है। इस पर स्पीकर नेक चोट ऐसा कीजिये जो लगे नहीं। इसी प्रकार जब गोयल और सिंधिया ने एक दूसरे को पानी पिलाने का दावा किया तो भी स्पीकर ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि गर्मी बहुत है। पानी पीजिये, पिलाईये, मगर शांति से पिलाइए।
इससे पूर्व कृष्णा नदी जल बंटवारे पर स्पीकर ने बहस में उलझे सदस्यों को पानी पर झगड़ा न करने की नसीहत दी। इस नसीहत के बाद भी जब बहस और आरोपों प्रत्यारोपों का दौर नहीं थमा तो स्पीकर ने कहा कि झगड़ा ऐसे ही चलता रहा तो सरस्वती की तरह अन्य नदियां भी विलुप्त हो जाएंगी।