विश्व में सबसे हल्के सुपरसोनिक लड़ाकू विमान का दर्जा हासिल करने वाला स्वदेश निर्मित तेजस पहली बार विदेश में अपनी हवाई गतिविधियां दिखाने जा रहा है। तेजस मलेशिया में 26 मार्च से शुरू होने जा रही 5 दिवसीय लंगकावी इंटरनेशनल मेरीटाइम एंड एयरोस्पेस प्रदर्शनी (लीमा) में भाग लेगा। इसके लिए भारतीय वायुसेना का भी मलेशिया पहुंच गया है।
बता दें कि एयरोनॉटिकल डवलपमेंट एजेंसी (एडीए) की तरफ से भारतीय वायुसेना व भारतीय नौसेना के लिए डिजाइन किए गए तेजस का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने पूरी तरह भारत में ही किया है। यह देश का पहला स्वदेश निर्मित लड़ाकू विमान है, जिसे लीमा एयर शो में पेश करने के पीछे भारत की योजना मलेशिया को इसे खरीदने के लिए आकर्षित करने की है।
भारतीय वायुसेना भी इस मेरीटाइम एयरो एक्स्पो में पहली बार भाग ले रही है। लीमा एयर शो में भागीदारी के लिए भारतीय वायुसेना का दल 22 मार्च को कलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से म्यामांर की राजधानी यंगून के रास्ते मलेशिया के लंगकावी के लिए रवाना हुआ था। भारतीय वायुसेना का दल इस दौरान रॉयल मलेशियाई एयरफोर्स के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी करेगा, जिसमें दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
भारतीय वायुसेना ने रविवार को अपने अधिकृत ट्विटर हैंडल पर लंगकावी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अपनी फाइनल अभ्यास उड़ान भरते तेजस का वीडियो पोस्ट किया। साथ ही लिखा कि भारतीय वायुसेना में शामिल किया जा चुका स्वेदशी सुपरसोनिक हल्का लड़ाकू विमान तेजस लंगकावी में लंगकावी में पहली बार हवाई उड़ान पेश करेगा।