बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत में विनिर्माण को आगे बढ़ाने की इच्छुक हैं, लेकिन मौजूदा चीनी संयुक्त उद्यमों को जारी रखना चाहती हैं। एपल चाहती है कि चीन की बीवाईडी को देश में आईपैड उत्पादन के लिए भारतीय कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दी जाए।
वैश्विक फर्मों को देश में स्थानांतरित करने में मदद के लिए भारत सरकार चीनी निवेश पर अपने रुख की समीक्षा कर सकती है। कई वैश्विक कंपनियां आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं से बचने के लिए चीन प्लस वन रणनीति की खोज कर रही हैं। क्योंकि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कोरोना संक्रमणों में उछाल से जूझ रही है।
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बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत में विनिर्माण को आगे बढ़ाने की इच्छुक हैं, लेकिन मौजूदा चीनी संयुक्त उद्यमों को जारी रखना चाहती हैं। एपल चाहती है कि चीन की बीवाईडी को देश में आईपैड उत्पादन के लिए भारतीय कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दी जाए। सरकार इस कदम पर विचार कर सकती है। उन क्षेत्रों में चीनी कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम की मंजूरी मिल सकती है, जहां भारत में तकनीकी विशेषज्ञता नहीं है।