पाक पीएम इमरान खान ने चुनाव जीतने से पहले भले ही कहा हो कि भारत यदि एक कदम आगे बढ़ेगा तो हम दो कदम चलेंगे, लेकिन अब उनके सुर बदल गए हैं। इमरान ने अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की वरिष्ठ एसोसिएट संपादक लाली वेमाऊथ को दिए इंटरव्यू में कहा है, भारत की सत्ताधारी पार्टी (भाजपा) न सिर्फ पाक बल्कि मुस्लिम विरोधी भी है। भारत का आतंकवाद पर पाक के प्रति रवैया नहीं बदलने से बौखलाए पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि भाजपा ने मेरी तरफ से की गई शांति की हर कोशिश को नाकाम कर दिया है।
इमरान ने वाशिंगटन पोस्ट में अपनी बौखलाहट का प्रदर्शन करते हुए कहा कि भारत सरकार लगातार उनकी कोशिशों को इसलिए नाकाम कर रही है क्योंकि वहां आगामी महीनों में चुनाव होने हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि करतारपुर कॉरिडोर खोलने से भारत-पाक वार्ता का दौर फिर शुरू होगा।
इमरान से जब ने पूछा गया कि भारत चाहता है कि मुंबई हमले के अपराधियों को सजा मिले तो उन्होंने कहा कि मैंने अपनी सरकार से इस मसले पर बात की है। इमरान ने कहा कि हम भी इसे सुलझाना चाहते हैं। यह आतंक से जुड़ा मामला था और मुझे उम्मीद है कि भारत में चुनाव के बाद दोनों देशों में वार्ता फिर शुरू होगी।
बता दें कि हाल ही में सार्क शिखर सम्मेलन में भारत को न्यौता देने पर सुषमा स्वराज ने कहा था कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं हो सकते। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी पाक पर आतंकियों को पनाह देने की बात कही है।
इस पर इमरान ने कहा कि पाक किसी आतंकी या आतंकवादी गुट को पनाह नहीं दे रहा है। इमरान ने उलटे अमेरिका से पूछा कि वह बताए, पाक में आतंकी गुट कहां सक्रिय हैं? इमरान ने यह तक कहा कि पाक का 9/11 से कोई लेना-देना नहीं है। ओसामा अफगानिस्तान में था और इसमें पाक की कोई भूमिका नहीं थी।
पहले भी साधते रहे हैं निशाना
ये पहला मौका नहीं है जब इमरान खान ने भाजपा पर निशाना साधा हो। पिछले दिनों ट्वीट करते हुए इमरान लिखा था कि शांति बहाली के लिए वार्ता की शुरुआत की मेरी पहल पर भारत के अहंकारी और नकारात्मक जवाब से बेहद निराश हूं। हालांकि, मैं अपनी पूरी जिंदगी ऐसे छोटे लोगों से मिला हूं जो बड़े दफ्तरों पर ऊंचे ओहदे पर बैठे हैं, लेकिन उनके पास आगे तक देख सकने के लिए दूरदर्शी सोच की कमी है।