कौन बन सकता है मुख्य न्यायाधीश
अगर संविधान की बात करें तो भारत के संविधान में इस बात का कोई ब्योरा नहीं मिलता है कि देश के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कैसे होती है? अनुच्छेद 124 (1) कहता है कि भारत में एक सर्वोच्च न्यायालय होगा, जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति होगी। लेकिन इस अनुच्छेद में इस बात का जिक्र नहीं है कि मुख्य न्यायाधीश की योग्यता और उसकी नियुक्ति कैसे होगी।
संविधान में सिर्फ अनुच्छेद 126 ही है, जो सीजेआई की नियुक्ति पर कहता है, इसमें कार्यकारी सीजेआई की नियुक्ति के बारे में कहा गया है। मजेदार बात यह है कि मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति को लेकर कोई संवैधानिक प्रावधान की जानकारी नहीं दी गई है और यही वजह है कि जब भी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति में परंपराओं का सहारा लेना पड़ता है।
जहां तक परंपराओं का सवाल है तो ये एकदम सीधा सा है, जब मौजूदा सीजेआई 65 साल की उम्र में रिटायर होते हैं तब सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज बतौर सीजेआई उनकी जगह लेंगे।
बता दें कि यहां पर जज की उम्र का सवाल नहीं होता, बल्कि ये निर्भर करता है कि किसी भी जज को कब सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया। और जो जज जितने लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में है, वो उतना ही सीनियर माना जाता है।