भारतीय सेना के तीन बहादुर अफसर आए और देश, दुनिया को संदेश किया कि पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकाने पर तबाही मचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन उसे भारतीय सुरक्षा बलों ने कामयाब नहीं होने दिया। एयरवाइस मार्शल आरजीके कपूर, मेजर जनरल सुरेंद्र सिंह महल और रीअर एडमिरल दलबीर सिंह गुजरात ने तीनों सैन्य बलों की क्षमता, तालमेल, आपरेशन तैयारी तथा सजगता का उदाहरण पेश किया। भारतीय सैन्य अफसरों ने कहा कि सुरक्षा बल देश की शांति, स्थिरता, संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं।
कुछ नहीं कर पाया पाकिस्तान
मेजर जनरल एसएस महल, रीयर एडमिरल गुजराल और एयरवाइस मार्शल कपूर के अनुसार भारतीय सैन्य बलों की मुश्तैदी ने पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए। उसकी वायुसेना ने जिस इरादे से एफ-16 को उड़ाया था, उसमें बिल्कुल सफल नहीं हो पाई। सैन्य अधिकारियों ने कहा कि भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंप को तबाह करने के बाद पाकिस्तान ने की वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई के जरिए उकसाया। उसने अमेरिका में बने अपनी वायुसेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों से भारत के सैन्य ठिकाने पर हमला करने की कोशिश की।
पाकिस्तान की वायुसेना भारत के ब्रिगेड कमान, सैन्य ठिकाने को निशाना बनाना चाहती थी, लेकिन समय रहते भारतीय रेडार, इलेक्ट्रानिक उपकरणों ने इसे भांप लिया। सैन्य अफसरों का कहना है कि सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और मिग-21 बायसन की तिकड़ी ने तालमेल बनाकर पाकिस्तान की इस चुनौती को नेस्तनाबूत कर दिया। पड़ोसी देश की वायुसेना और सुरक्षा बल भारत का कुछ भी नहीं बिगाड़ पाए।
सैन्य अफसरों का कहना है कि इस अभियान भारत ने अपना एक मिग-21 लड़ाकू विमान खोया है। हमारे पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान अपने मिग-21 में तकनीकी खराबी के कारण पाकिस्तान के कब्जेवाले कश्मीर में चले गए। वह पाकिस्तान के कब्जे में हैं और शुक्रवार को वहां से रिहा होंगे। सैन्य अफसरों ने उनके भारत आने का स्वागत किया है।
हम (भारतीय) जो चाहते थे किए
मेजर जनरल एसएस महल और वाइस एयरमार्शल आरजीके कपूर के अनुसार एयरस्ट्राइक बालाकोट-2019 में जो भारतीय सुरक्षा बल चाहते थे, किए। भारत का मकसद आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करना था और भारतीय सुरक्षा बलों ने अपने आपरेशन में आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर दिया। सैन्य अधिकारियों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए हर समय तैयार हैं।
पाकिस्तान ने बोला झूठ
तीनों सैन्य अफसरों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में पाकिस्तान के झूठ उजागर किया। उन्होंने पाकिस्तानी वायुसेना के एफ-16 से दागी गई मिसाइल, फाइटर जेट के मलबे का कुछ हिस्सा भी दिखाया। सैन्य अफसरों ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा एफ-16 के इस्तेमाल का उनके पास पुख्ता सबूत है। इसके अलावा भारतीय वायुसेना का केवल एक मिग विमान ही लापता हुआ है। हमारा केवल एक पायलट विंग कमांडर वर्थमान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के कब्जे में है। जबकि पाकिस्तान इसको लेकर अलग-अलग दावे करता रहा, बयान बदलता रहा।
बहुत बढ़ गया है संघर्ष विराम का उल्लंघन
मेजर जनरल महल ने कहा कि 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले के बाद से अधिक तेजी से पाकिस्तान लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। पिछले दो दिन में सीमा पार के सुरक्षा बलों ने 35 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का करारा जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेना मुश्तैद है। सेना क्षेत्र की शांति और स्थिरता के प्रति वचनबद्ध है।
सेना, वायुसेना ही नहीं नेवी भी थी तैयार
रीअर एडमिरल ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा युद्ध जैसे हालात के की स्थिति पैदा करने के बाद नौसेना हाई अलर्ट पर थी। जमीन, जल और आसमान पर पूरी निगरानी रखी जा रही थी। रीअर एडमिरल गुजराल के अनुसार हम किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार थे। लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों का मकसद केवल शांति स्थापना है, युद्ध नहीं। सेना के मेजर जनरल और वायुसेना के एयरवाइस मार्शल ने भी यही संदेश दिया।
क्या था प्रेस वार्ता माकसद
भारतीय सैन्य बल बहादुरी की मिसाल हैं। पीठ पर गोली खाना इन्हें गंवारा नहीं है। भारतीय सशत्र बलों के कौशल, रणनीति बनाने की क्षमता तथा मशीन के पीछे की मानवीय शक्ति का दुनिया कायल है। सेना के तीनों अफसरों ने अपनी प्रेस वार्ता के माध्यम से एक बार फिर पूरी दुनिया और खासकर पाकिस्तान को अपनी इसी सशक्त क्षमता का संदेश दिया है।
उन्होने साफ कहा कि उनका मकसद युद्ध नहीं था, लेकिन किसी नापाक हरकत का त्वरित मुंहतोड़ जवाब देने की उनमें सक्षमता है। वह पाकिस्तान की सेना, वायुसेना जैसे नहीं हैं जो गलत दावे करें, झूठ बोलें और तथ्यों को छिपाने का प्रयास करें। तीनों सेनाओं ने अपने तालमेल, अनुशासन तथा देश की रक्षा के लिए राजनीतिक नेतृत्व के हर निर्देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।