विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची
- फोटो : एएनआई
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अपनी नियमित प्रेस कांफ्रेंस में ड्रोन उड़ान के जरिए सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया। मंत्रालय ने पाक से कहा कि वह इन्हें रोक और इनकी जांच करे। इसके साथ ही अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा को लेकर वहां रह रहे भारतीयों को सतर्क किया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग परिसर में 26 जून को एक ड्रोन उड़ता नजर आया था। इस मामले को पाकिस्तान सरकार के साथ आधिकारिक रूप से उठाया गया है। हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान इसकी जांच करेगा और ऐसे सुरक्षा उल्लंघन की पुनरावृत्ति रोकेगा। बागची ने कहा कि अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा को लेकर हम चिंतित हैं। हमने वहां रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने का परामर्श जारी किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवाद को लेकर हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। सभी देशों को आतंकियों के शरण स्थलों और उनके वित्त पोषण को खत्म करने के लिए अवश्य कार्रवाई करना चाहिए। हम पाकिस्तान से आग्रह करते हैं कि वह सीमा पार आतंकवाद का खात्मा करे और मुंबई व पठानकोट हमलों के साजिशकर्ताओं को कानून के दायरे में लाए।
मेहुल व नीरव के प्रत्यर्पण केस पर नजर
भगोड़े मेहुल चोकसी व नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में बागची ने कहा कि हम इनके केस पर सतत नजर रखे हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम चाहते हैं कि जिन भारतीयों को घरेलू कोरोना रोधी टीके लगे हैं, उन्हें यूरोप के लोगों को लगी वैक्सीन के बराबर समझा जाना चाहिए। उनके वैक्सीन सर्टिफिकेट को ईयू द्वारा उसी तरह मान्य किया जाना चाहिए, जिस तरह हम करते हैं।