अमेरिका में नस्ली हमले में मारे गए भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कोचीभोतला का शव सोमवार रात हैदराबाद पहुंचा। हवाईअड्डे से उनका शव उनके बाचूपल्ली स्थित आवास पर ले जाया गया। श्रीनिवास अमेरिका के ओलाथे के गारमिन मुख्यालय में काम करते थे। बुधवार रात हुए हमले में वह मारे गए जबकि उनके साथी आलोक मदासानी घायल हो गए थे।
हमलावर से भारतीयों को बचाने के दौरान एक अमेरिकी नागरिक इयान ग्रिलोट भी घायल हो गए थे।
वहीं नस्लीय हिंसा में भारतीय इंजीनियर की मौत के बाद व्हाइट हाउस संवाददाता सीन स्पाइसर ने कहा कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और शुरूआती रिपोर्टें व्यथित करने वाली हैं। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसी किसी भी तरह की हिंसी की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।'
अमेरिका में बढ़ते घृणा अपराध पर बोलते हुए उन्होंने कहा, 'अमेरिका की स्थापना से ही हम अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। कौन सा नागरिक किसे पूजेगा, यह उसका अधिकार है, और हम उसकी रक्षा करेंगे।'
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका में किसी को भी अपने धर्म को पालन करने के लिए डरने की जरूरत नहीं है। सभी नागरिक अपनी इच्छा से अपने धर्म को मानने के लिए स्वतंत्र हैं।