भारत की अर्थव्यवस्था अगले 7-8 साल में 5 खरब डॉलर के आंकड़े को छू सकती है। यह दावा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए किया। प्रभु ने कहा कि उनके विभाग ने भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 खरब डॉलर की बनाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया था, जिसमें निर्माण, सेवा और कृषि सेक्टर पर विशेष ध्यान देने की तैयारी की गई थी। उन्होंने कहा कि भारत में निश्चित तौर पर 2035 तक 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने की क्षमता है।
प्रभु ने कहा कि उत्पादन क्षेत्र को निर्यात बढ़ाना चाहिए। इससे क्वालिटी और प्रतियोगिता को बढ़ावा मिलेगा। हमारा संचयी निर्यात फिलहाल करीब आधा ट्रिलियन डॉलर का है, जिसे दोगुना करने की चुनौती हमारे सामने है। उन्होंने कहा, आज हमारे पास निर्यात बढ़ाने का अनोखा मौका है। विश्व में आपसी विवाद हो रहे हैं और भारत को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को अफ्रीकी और लातिन अमेरिकी देशों को निर्यात बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।