भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने गुरुवार को अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए एक बड़ा हादसा होने से बचा लिया। दरअसल, गुरुवार को राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान के एक जहाज के इंजन में खराबी आ गई। सूचना मिलते ही, भारतीय तटरक्षक बल ने कर्नाटक में कारवार तट के निकट 36 लोगों को बचा लिया।
आई थी तकनीकी खराबी
तटरक्षक बल के डीआईजी केएल अरुण ने गुरुवार को बताया कि रिसर्च पोत ने बुधवार दोपहर करीब तीन बजे खराब होने की जानकारी दी थी। बताया गया था कि पोत में आगे बढ़ने की क्षमता नहीं बची है। साथ ही बिजली भी बंद हो गई है।
जहाज में आठ वैज्ञानिकों समेत 36 लोग सवार थे
अधिकारी ने बताया कि जहाज में आठ वैज्ञानिकों समेत 36 लोग सवार थे। उन्होंने कहा कि कारवार के निकट जहाज के फंसने का खतरा पैदा हो गया था, जिसके कारण व्यापक रूप से तेल रिसाव हो सकता था जो बड़े हादसे में तब्दील हो सकता था। अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि आरवी सिंधु साधना पोत का इंजन खराब हो गया था और यह तीन समुद्री मील की गति से चल रहा था। जब खतरे का संकेत मिला तो वह जमीन से लगभग 20 समुद्री मील दूर था।
आठ वैज्ञानिक भी थे सवार
उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जहाज भेजे गए। पहला जहाज शाम पांच बजे तक पहुंच गया था। वहीं, दूसरा रात तक पहुंचा। रिसर्च पोच पर कुल 36 लोग फंस गए थे। इनमें 28 सदस्यीय दल और 8 वैज्ञानिक थे।
जहाज में कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण और अनुसंधान डेटा भी था
उन्होंने कहा कि इस जहाज में कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण और अनुसंधान डेटा भी था। अधिकारी ने कहा कि इस घटना के कारण तेल रिसाव का खतरा भी पैदा हो गया था जिससे समुद्री पर्यावरण में विनाशकारी प्रदूषण हो सकता था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सूचना मिलने के बाद आईसीजी ने बचाव अभियान के लिए एक कुशल दल के साथ अपने अत्याधुनिक पोत को क्षेत्र में भेजा।
अधिकारी ने कहा कि मौसम की विषम परिस्थितियों के बावजूद आईसीजी दल ने जहाज को बचाने के लिए निर्बाध बचाव अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि जहाज पर सवार सभी सदस्य सुरक्षित और स्वस्थ हैं।