घनी आबादी के पास किसी अन्य को नुकसान पहुंचाए बिना दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने की क्षमता प्राप्त करने के लिए भारतीय सेना लंबी दूरी की गाइडेड गोला-बारूद खरीदने जा रही है। जीपीएस से लैस ये तोप के गोले 50 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकते हैं।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि पुलवामा हमले जैसे हालात के बाद सेना को हर हाल में तत्काल युद्ध के लिए तैयार रखने की स्थिति के लिए यह रक्षा खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना यह क्षमता प्राप्त करने के लिए आपात खरीद प्रक्रिया के तहत अमेरिकी हथियार निर्माता कंपनी होवित्जर से ये गोला-बारूद खरीदने की योजना बना रही है। इन गोला-बारूद को नियंत्रण रेखा पर तैनात तोपों के लिए खासतौर पर खरीदा जाएगा, जहां पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी आए दिन की बात हो गई है।
हाल ही में संपन्न एक बैठक में सेना के अधिकारियों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अमेरिका से गाइडेड गोला-बारूद खरीदे जाने की जानकारी दी। इसके साथ ही सेना ने अमेरिका निर्मित एम-777 अत्यंत हल्की होवित्जर तोप भी अपने बेड़े शामिल करना शुरू कर दिया है, जिससे एक्सकैलिबर गोलों को दागा जा सकता है। सेना टैंक-रोधी गाइडेड मिसाइल स्पाइक खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है।
अफगानिस्तान युद्ध के दौरान किया गया था विकसित
उल्लेखनीय है कि एक्सकैलिबर गोला-बारूद को अमेरिका ने अफगानिस्तान युद्ध में सटीक निशाना साधने के लिए विकसित किया था, जहां वह करीब दो दशकों तक युद्ध लड़ता रहा। इन गोला बारूद का इस्तेमाल हवा के साथ-साथ बंकर जैसे मजबूत ढांचों को भी तबाह करने में किया जा सकता है।