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Air strike: भारतीय सेना ने ट्वीट की ये कविता, कहा- 'दुष्ट कौरवों ने तुमको कायर समझा उतना ही'

Tue, 26 Feb 2019 01:42 PM IST
प्रशांत राय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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पुलवामा आतंकी हमले के बाद 12 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान में घुसकर कई आतंकियों को मार गिराया है। भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर किए गए हमले की पुष्टि करते हुए भारत साफ किया किया कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद भारतीय सेना ने अपने ट्विटर हैंडल से कवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता ट्वीट की। 

भारतीय सेना ने ट्वीट करते हुए लिखा-

'क्षमाशील हो रिपु-समक्ष

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तुम हुए विनीत जितना ही,
दुष्ट कौरवों ने तुमको
कायर समझा उतना ही।

सच पूछो, तो शर में ही
बसती है दीप्ति विनय की,
सन्धि-वचन संपूज्य उसी का जिसमें शक्ति विजय की।'




यह कविता राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने लिखी थी। जिसका शीर्षक 'शक्ति और क्षमा' था।

क्षमा, दया, तप, त्याग, मनोबल
सबका लिया सहारा
पर नर व्याघ्र सुयोधन तुमसे
कहो, कहाँ, कब हारा?
 

क्षमाशील हो रिपु-समक्ष
तुम हुये विनत जितना ही
दुष्ट कौरवों ने तुमको
कायर समझा उतना ही।

 

अत्याचार सहन करने का
कुफल यही होता है
पौरुष का आतंक मनुज
कोमल होकर खोता है।
 

क्षमा शोभती उस भुजंग को
जिसके पास गरल हो
उसको क्या जो दंतहीन
विषरहित, विनीत, सरल हो।
 

तीन दिवस तक पंथ मांगते
रघुपति सिन्धु किनारे,
बैठे पढ़ते रहे छन्द
अनुनय के प्यारे-प्यारे।
 

उत्तर में जब एक नाद भी
उठा नहीं सागर से
उठी अधीर धधक पौरुष की
आग राम के शर से।
 

सिन्धु देह धर त्राहि-त्राहि
करता आ गिरा शरण में
चरण पूज दासता ग्रहण की
बँधा मूढ़ बन्धन में।
 

सच पूछो, तो शर में ही
बसती है दीप्ति विनय की
सन्धि-वचन संपूज्य उसी का
जिसमें शक्ति विजय की।
 

सहनशीलता, क्षमा, दया को
तभी पूजता जग है
बल का दर्प चमकता उसके
पीछे जब जगमग है।

 

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