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सीमा पर तनातनी के बीच भारतीय सेना की चीन को दूसरी बार मदद, लौटाए 13 याक और चार बछड़े

Tue, 08 Sep 2020 01:01 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
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भारतीय सेना ने चीन को दिखाई मानवता (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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चालबाज चीन जहां अपनी कायराना हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वहीं भारतीय सेना की मानवतावादी छवि सामने आती रहती है। हाल ही में सेना ने चीन के तीन नागरिकों की न केवल जान बचाई थी बल्कि उन्हें खाना और गर्म कपड़े भी दिए थे। सोमवार को एक बार फिर सेना ने इंसानियत दिखाते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को पार करके आए याक (बैल की एक प्रजाति) और बछड़ों को चीन को लौटा दिया। इसकी जानकारी सेना की पूर्वी कमान ने दी।

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पूर्वी कमान ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने भारतीय सेना को उसकी सहृद्यता के लिए धन्यवाद दिया। पूर्वी कमान ने ट्वीट कर कहा, ‘मानवीयता दिखाते हुए भारतीय सेना ने सात सितंबर, 2020 को पूर्वी कामेंग, अरुणाचल प्रदेश में एलएलसी पार करके भटककर आए 13 याक और चार बछड़ों को चीन को सौंप दिया। चीनी अधिकारियों ने भारतीय सेना को इस मानवीयता के लिए धन्यवाद दिया।’


बता दें कि मई की शुरुआत से चीन और भारत के बीच पूर्वी लद्दाख में गतिरोध जारी है। दोनों सेनाएं सैन्य और राजनीतिक स्तर पर तनाव को कम करने के लिए बातचीत कर रही हैं। बीते शुक्रवार को सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने लद्दाख का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की थी।
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यह भी पढ़ें- ये है भारतीय सेना: तीन चीनी नागरिकों की बचाई जान, खाना भी खिलाया

भारत ने हाल ही में पेंगोंग झील के दक्षिणी तट के पास सामरिक ऊंचाई पर नियंत्रण करके चीन की घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर दिया। चीन के सैनिक मई से फिंगर एरिया, गलवां घाटी, हॉट स्प्रिंग्स और कोंगरुंग नाला पर भारत के साथ गतिरोध की स्थिति में है।
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सेना ने चीन के तीन नागरिकों को बचाया
तीन सितंबर को उत्तरी सिक्किम में भारतीय सेना ने तीन चीनी नागरिकों की न केवल जान बचाई बल्कि उन्हें खाना, ऑक्सीजन और गर्म कपड़े देकर मदद की। सेना ने तीन सितंबर, 2020 को 17,500 फीट की ऊंचाई पर उत्तरी सिक्किम के पठार क्षेत्र में अपना रास्ता खो चुके तीन चीनी नागरिकों की मदद की। सेना ने उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की। इसके अलावा उनका उचित मार्गदर्शन किया गया जिसके बाद वे अपने गंतव्य पर चले गए।

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