फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Manipur: भारतीय सेना ने कहा- सभी अधिकारी नस्ल, जाति, पंथ और लिंग विरोधी, सोशल मीडिया पर छवि खराब करने की कोशिश

Fri, 02 Jun 2023 01:23 AM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली।

सार

भारतीय सेना ने कहा कि उन्हीं अधिकारियों को बदनाम किया जा रहा है, जो अपनी रातों की नींद हराम करके बिना भोजन और पानी के ड्यूटी कर रहे हैं, हजारों लोगों को बचाया है और मणिपुर में धर्म, जाति या पंथ से परे लोगों को शरण दी है। 
विज्ञापन
भारतीय सेना (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मणिपुर में हिंसा के माहौल में आंतरिक सुरक्षा में लगे एक विशेष समुदाय के सेना अधिकारियों की सोशल मीडिया पर छवि खराब करने की कोशिश की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट को लेकर भारतीय सेना ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

विज्ञापन


भारतीय सेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि मैसेजिंग एप्स के माध्यम से ट्विटर और फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक संदेश में मणिपुर में आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों का पालन करने वाले एक विशेष समुदाय के सेना अधिकारियों का विवरण दिया गया है। देश के प्रति उनकी वफादारी और अखंडता पर लांछन लगाने के साथ किए गए इस संदेश का उद्देश्य भारतीय सेना के अधिकारियों के विश्वास और चरित्र की नींव को खराब करना है।

सेना ने कहा कि उन्हीं अधिकारियों को बदनाम किया जा रहा है, जो अपनी रातों की नींद हराम करके बिना भोजन-पानी के ड्यूटी कर रहे हैं, हजारों लोगों को बचाया है और मणिपुर में धर्म, जाति या पंथ से परे लोगों को शरण दी है। 
विज्ञापन


बयान में कहा गया है, भारतीय सेना के सभी अधिकारी नस्ल, जाति, पंथ और लिंग विरोधी हैं। वे सभी के लिए सामान्य भाव रखते हैं और किसी से नहीं डरते। सेना के अधिकारियों और सैनिकों को संगठन की आवश्यकता के अनुसार देश के सभी हिस्सों में तैनात किया जाता है। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि सूची में दर्शाई गई संख्या वर्तमान में मणिपुर में सभी संरचनाओं और इकाइयों में तैनात अधिकारियों की कुल संख्या के एक छोटे से अंश का प्रतिनिधित्व करती है।

बयान में आगे कहा गया है, यह पोस्ट एक ऐसी संस्था को कमजोर करने का प्रयास है जो राष्ट्र का एक सूक्ष्म जगत (Microcosm) है और जिसने कभी भी क्षेत्रीय पूर्वाग्रहों को अपने कामकाज में हावी नहीं होने दिया। भारतीय सेना इस घृणित संदेश का दृढ़ता से खंडन करती है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें