भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच भारतीय सेना किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियों में जुटी है। सेना ने अब बोफोर्स होवित्जर तोपों को तैयार करना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार लद्दाख में बोफोर्स तोपों के लिए मेंटेनेंस केंद्र में सेना के इंजीनियर इन तोपों की सर्विसिंग कर रहे हैं।
बोफोर्स तोपों को ऑर्टिलरी रेजिमेंट में 1980 के दशक के मध्य में शामिल किया गया था। ये तोप उच्च और निम्न दोनों कोण (एंगल) से फायरिंग करने में सक्षम हैं। इनकी सर्विसिंग का काम पूरा होने के बाद इन्हें लद्दाख में तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय वायु सेना लद्दाख की फॉर्वर्ड पोस्ट तक जरूरी सामग्री पहुंचाने का काम कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक इन तोपों को समय-समय पर सर्विसिंग और मेंटेनेंस की जरूरत होती है। इसके लिए टेक्नीशियंस को तैनात किया गया है। बता दें कि जिस वर्कशॉप में यह काम होता है वहां के सेना के इंजीनियरों की यह जिम्मेदारी होती है कि आकस्मिक परिस्थिति में जरूरी पड़ने वाले सभी हथियारों की सर्विसिंग और मेंटेनेंस दुरुस्त रहे।
बता दें कि इस तोप ने कारगिल युद्ध के दौरान अपने दम पर पूरे युद्ध का रुख ही बदल दिया था। ऊंचाई पर बैठे दुश्मनों को मार गिराने में इस तोप की फायर पावर ने बहुत मदद की थी। बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों की सेनाओं ने सीमा पर हथियारों और जवानों की तैनाती बढ़ाई है। भारत की तीनों सेनाएं चीन की हर हरकत पर नजर रख रही हैं।