भारतीय सेना की ओर से जारी किए गए इस वीडियो में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की दमदार आवाज में भैरव बटालियन का ताकत बताई गई है। वीडियो में अमिताभ बच्चन को कहते सुना जा सकता है कि न कोई आहट, न कोई छाया, न कोई संकेत, न कोई काया...। मैं काल नहीं, काल का विधान, भैरव नाम नहीं, पहचान।
भारतीय सेना ने महाशिवरात्रि के अवसर पर 'भैरव' नामक एक शॉर्ट फिल्म जारी की है, जिसे अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपनी आवाज दी है। यह फिल्म भैरव बटालियनों और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी भूमिका को दर्शाती है।
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रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय के अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय के आधिकारिक हैंडल से अमिताभ बच्चन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। संदेश में कहा गया कि फिल्म के लिए अपनी प्रतिष्ठित आवाज देने पर सेना उनकी आभारी है।
भगवान शिव का उग्र रूप कहलाता है भैरव
फिल्म का विमोचन महाशिवरात्रि के दिन किया गया, जिसे प्रतीकात्मक माना जा रहा है। भैरव को भगवान शिव का उग्र स्वरूप माना जाता है, जो सुरक्षा और बुराई के विनाश से जुड़ा है। भैरव बटालियन को पैरा स्पेशल फोर्स और नियमित इन्फैंट्री इकाइयों के बीच तैनात किया गया है। इस बटालियन का गठन आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि दुश्मन के खतरों के खिलाफ तेज और सटीक आक्रामक कार्रवाई की जा सके।
सेना के हालिया पुनर्गठन के तहत इन बटालियनों को तैयार किया गया है। इनमें वैश्विक संघर्षों और सेना के अपने ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों को शामिल किया गया है। अमिताभ बच्चन ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस फिल्म से जुड़ने को सम्मान और विशेषाधिकार बताया।
आधुनिक युद्ध चुनौतियों से निपटने के लिए बनी बटालियन
भैरव, भारतीय सेना की नवीनतम विशेष बल इकाई है, जिसे आधुनिक युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके सभी ऑपरेटिव ड्रोन संचालन में सक्षम हैं और वास्तविक अभियानों में दुश्मन के ठिकानों और संरचनाओं को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं।
सेना मुख्यालय द्वारा अब तक ऐसी लगभग 15 भैरव बटालियनें खड़ी की जा चुकी हैं, जिन्हें दोनों सीमाओं पर विभिन्न संरचनाओं में तैनात किया गया है। निकट भविष्य में इनकी संख्या लगभग 25 तक बढ़ाने की योजना है। इन बटालियनों को सामरिक से लेकर परिचालन स्तर तक विशेष अभियानों को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही, ये पैरा स्पेशल फोर्स और नियमित इन्फैंट्री के बीच की भूमिका को भी मजबूत करेंगी।