फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिछले छह साल में घटिया गोला-बारूद खरीदने से 24 जवानों की मौत, सेना ने जताई आपत्ति

Wed, 30 Sep 2020 12:32 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
गोला-बारूद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

घटिया और महंगे सरकारी सामान खरीदने पर भारतीय सेना ने आपत्ति जताई है। सेना के आंतरिक आकलन ने सरकार की ओर से खरीदे जा रहे सैन्य सामानों पर एक चौंका देने वाला खुलासा किया है। सरकार ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) से गोला-बारूद और दूसरे सामान खरीदती है, इस पर सेना के आंतरिक आकलन ने बड़ा खुलासा किया है। 

विज्ञापन



आमतौर पर सालाना भारतीय सेना के 111 सैनिक दुश्मन की गोलियां से सीमा पर शहीद हो जाते हैं लेकिन आकलन में बताया गया है कि घटिया गोला बारूद खरीदने की वजह से पिछले छह सालों में 24 जवान शहीद हो गए हैं, ये जवान खरीब गुणवत्ता की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। 

इसके अलावा 131 जवान ऐसे हैं, जो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनमें से कई जवान अपने हाथ-पैर खो चुके हैं। ये खुलासा ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड से खरीदे गए गोला-बारूद और दूसरे सैन्य सामानों की गुणवत्ता पर सेना के आंतरिक आकलन में हुआ है। बता दें कि ओएफबी दुनिया के सबसे पुराने सरकारी रक्षा बोर्डों में से एक है।
विज्ञापन


सेना ने इस रिपोर्ट को रक्षा मंत्रालय को सौपा है, इसमें बताया गया है कि ओएफबी से खरीदे गए गोला-बारूद की गुणवत्ता खराब थी। इस खराब गुणवत्ता से ना सिर्फ हादसे हुए बल्कि पांच साल में 960 करोड़ रुपये का आयुध अपनी तय शेल्फ लाइफ से पहले ही खराब हो गया। 

सेना के अधिकारियों ने जानकारी दी कि हर प्रोडक्ट की तरह गोला-बारूद की भी एक शेल्फ लाइफ यानि तय आयु होती है। तय आयु पूरी होने के बाद इस डिस्पोज कर दिया जाता है। ओएफबी में रसायनों के मिक्सिंग ऑटोमेटेड नहीं होती है। सेना ने जिन आयुध पर सवाल उठाया है उसमें 25 मिमी एयर डिफेंस शेल्फ, आर्टिलरी शेल्फ और 125 मिमी टैंक शेल्फ के साथ ही इंफेंट्री की असॉल्ट राइफल्स में इस्तेमाल होने वाली बुलेट्स भी है। 

किस साल में कितनी मौतें

  • 2014 - एक मौत और 15 घायल
  • 2015 - शू्न्य मौत और 14 घायल 
  • 2016 - 19 मौत और 28 घायल
  • 2017 - एक मौत और 18 घायल
  • 2018 - तीन मौत और 43 घायल
  • 2019 - शून्य मौत और 13 घायल
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें