शहीदों की पत्नियों के कल्याण के लिए भारतीय सेना बड़े कदम उठा रही है। इस क्रम में भारतीय सेना ने प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की दिशा में एक और कदम उठाया है। दरअसल, भारतीय सेना द्वारा वीर नारियों के कल्याण और शिकायतों के निवारण के लिए "वीरांगना सेवा केंद्र" (वीएसके) नामक एकल विंडो सुविधा शुरू की गई है। इस परियोजना का उद्घाटन सेना पत्नी कल्याण संघ (AWWA) के अध्यक्ष ने बुधवार को दिल्ली कैंट स्थित भारतीय सेना के पूर्व सैनिक निदेशालय (DIAV) परिसर में किया गया था।
वीरांगना सेवा केंद्र (वीएसके) विंडो भारतीय सेना के वेटरन्स पोर्टल www.indianarmyveterans.gov.in पर उपलब्ध होगी। इस विंडो पर शहीदों की पत्नियां अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगी। साथ ही यहां शिकायतों के आवेदक को ट्रैकिंग, निगरानी और नियमित फीडबैक देखने की सुविधा भी मिलेगी।
सेना ने इसकी जानकारी एक बयान जारी करके दी है। सेना ने बताया कि शहीदों के परिजनों और उनकी पत्नियों के पास टेलीफोन, एसएमएस, व्हाट्सएप, पोस्ट, ई-मेल और सहायता प्राप्त करने के लिए वॉक-इन के माध्यम से वीएसके से संपर्क करने के लिए कई साधन होंगे। सेना ने बताया कि विभिन्न हितधारकों यानी रिकॉर्ड ऑफिस, ऑफिसर रिकॉर्ड ऑफिस, ईसीएचएस, एडब्ल्यूडब्ल्यूए, कैंटीन सर्विसेज डायरेक्टोरेट, कर्नल वेटरन आदि सीआरएम सॉफ्टवेयर के माध्यम से शिकायतों की स्थिति की निगरानी कर सकते हैं।
सेना ने यह भी बताया कि इस योजना से राष्ट्रीय सैनिक बोर्ड (आरएसबी), केंद्रीय सैनिक बोर्ड (केएसबी) और जिला सैनिक बोर्ड (जेडएसबी) जैसे गैर-सैन्य हितधारकों को ई-मेल के माध्यम से जोड़ा जा रहा है।
एनएसए डोभाल को किया गया सम्मानित
राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज (एनडीसी) ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित 'स्क्रॉल ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया। डोभाल ने बुधवार को दिल्ली स्थित संस्थान पहुंचकर यह पुरस्कार प्राप्त किया। वह एनडीसी के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने संस्थान के 62वें पाठ्यक्रम के शिक्षणार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने मजबूत होती अर्थव्यवस्था और शक्तिशाली मानवीय क्षमता के बल पर भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति आश्वस्त किया।