भारत और चीन के बीच तनाव का अखाड़ा बने दोकलाम को लेकर भले ही बीजिंग का रुख आक्रामक हो लेकिन भारतीय सेना भी खामोशी से अपनी तैयारियों को अमली जामा पहना रही है। मीडिया में आई कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, भारत दोकलाम में अपनी अग्रिम चौकी लालटेन पर स्थिति मजबूत कर रहा है।
यह ऐसी जगह है जहां से भारतीय सेना तिब्बत में चीन की गतिविधियों पर नजर रख सकती है। डोकलाम में चीन के किसी भी आक्रमण से निपटने के लिए सेना भी पूरी तैयारी कर रही है। यहां बंकर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा हल्के टैंक, गोला-बारूद पहुंचाया जा रहा है। बिना किसी शोरगुल के सेना युद्ध की ड्रिल कर रही है।
दोकलम से कुछ किलोमीटर दूर नथांग विवाद का केंद्र बने ट्राई जंक्शन पर भारत की आउटपोस्ट लालटेन के लिए री-इनफोर्समेंट बेस का काम करता है। यहां भारत की प्रख्यात ब्लैक कैट डिवीजन तैनात है। ब्लैक कैट मुख्यालय में तैनात एक ब्रिगेडियर के मुताबिक, भारत बातचीत से विवाद सुलझाना चाहता है। लेकिन चीन की जिद है कि पहले भारतीय फौज पीछे हटे। लेकिन अगर हम अपनी अग्रिम पोस्ट से पीछे हटेंगे तो चीन भूटानी भूभाग पर सड़क बनाना शुरू कर देंगे। हम उसे ऐसा नहीं करने दे सकते।
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दोनों ओर से दाव पर बहुत कुछ लगा है। निकट भविष्य में इसका कोई समाधान मुश्किल नजर आता है। कम से कम ब्लैक कैट का यही मानना है। हम चीन से सीमा पर रिश्ते सामान्य चाहते हैं। लेकिन हम यहां लंबे समय के लिए तैयारी कर रहे हैं क्योंकि सीमा के दूसरी ओर से आक्रामक रुख में कोई कमी नहीं आई है।
लालटेन तक सड़क बनाना चाहता है चीन
नथांग में तैनात ब्लैक कैट डिवीजन के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि भारतीय सेना किसी भी हाल में चीन को सी-40 रोड नहीं बनाने देगी। यह ऐसी रोड होती है जिससे 40 टन भार वाले टैंक जा सकते हैं। चीन डोकलाम पठार में तरह की रोड बनाना चाहता है। ताकि वह यादोंग को लालटेन अग्रिम चौकी से जोड़ सके।
हम किसी भी हाल में उसे ऐसा नहीं करने देंगे। हालांकि हमें साफ आदेश हैं तनाव नहीं बढ़ना चाहिए। इसलिए हम किसी उकसावे वाली कार्रवाई में लिप्त नहीं हैं। लेकिन अगर चीन कोई आक्रामक कदम उठाता है तो हम उसे माकूल जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।