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Arunachal Pradesh: भारतीय सेना ने 16,000 फीट की ऊंचाई पर बनाया मोनो रेल सिस्टम, सप्लाई लाइन में बड़ी सफलता

Fri, 14 Nov 2025 09:52 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर

सार

भारतीय सेना की गजराज कोर ने अरुणाचल प्रदेश के कामेंग हिमालय क्षेत्र में 16,000 फीट की ऊंचाई पर देश में बना मोनो रेल सिस्टम सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। कठिन मौसम, खड़ी चट्टानों और बर्फ से कटने वाले इलाकों में यह सिस्टम सप्लाई लाइन बनाए रखने में बड़ी मदद करेगा।

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अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना - फोटो : एक्स@GajrajCorps_IA
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विस्तार
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भारतीय सेना की गजराज कोर ने अरुणाचल प्रदेश के कामेंग हिमालय क्षेत्र में 16,000 फीट की कठिन ऊंचाई पर देश में बना एक अनोखा मोनो रेल सिस्टम तैयार कर उसे चालू कर दिया है। इस बात की जानकारी रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने दी। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम बेहद कठिन इलाकों में सेना की सप्लाई लाइन को सुचारू बनाने में बड़ी सफलता है।

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कर्नल महेंद्र रावत ने इस बात पर भी जोर दिया कि बर्फ, खड़ी चट्टानें और खराब मौसम के कारण यहां आगे की पोस्ट तक सामान पहुंचाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में इस मोनो रेल सिस्टम को खास तौर पर इन मुश्किल हालात में भी लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।

300 किलों से अधिक वजन ले जा सकता है ये मोनो रेल
बता दें कि यह मोनो रेल एक बार में 300 किलो से अधिक वजन ले जा सकती है। इससे उन पोस्टों तक भी आवश्यक सामग्री, जैसे हथियार, गोला-बारूद, राशन, ईंधन और इंजीनियरिंग उपकरण आसानी से पहुंचायी जा सकेगी, जहां पहुंचने का कोई अन्य साधन नहीं है।

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हर मौसम में, दिन-रात काम करने की क्षमता
यह सिस्टम दिन-रात और किसी भी मौसम में काम कर सकता है—चाहे तूफान हो, बर्फबारी हो या तेज हवाएं। इसे किसी एस्कॉर्ट की भी जरूरत नहीं होती। यह मोनो रेल जरूरत पड़ने पर घायलों को सुरक्षित निकालने में भी इस्तेमाल हो सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां हेलिकॉप्टर नहीं जा पाते या पैदल निकासी बेहद जोखिम भरी होती है। लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने इसे गजराज कोर की नवाचार क्षमता और कठिन इलाकों में काम करने की तैयारी का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक सेना की क्षमता बढ़ाएगी और दुर्गम चौकियों को मजबूती से सपोर्ट देगी।

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