पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना पूरी तरह से अराजनीतिक है। उन्होंने सेना को राजनीति से जोड़ने की कोशिशों की कड़ी आलोचना की। जनरल नरवणे ने समझाया कि रक्षा मंत्री या सरकार के आदेशों का पालन करना 'चेन ऑफ कमांड' का हिस्सा है, इसे राजनीतिकरण नहीं समझना चाहिए।
भारतीय सेना हमेशा से अपनी बहादुरी और अनुशासन के लिए जानी जाती है। पिछले कुछ समय से सेना को राजनीति से जोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। इसी मुद्दे पर अब भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज मुकुंद नरवणे ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि हमारी सेना पूरी तरह से अराजनीतिक है और हमेशा रहेगी। सेना का काम देश की रक्षा करना है, राजनीति करना नहीं। यह बयान उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सेना का नाम राजनीति में घसीटना चाहते हैं।
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एक साक्षात्कार में पूर्व सेना प्रमुख ने सेना और राजनीति के बीच के बड़े अंतर को बहुत ही आसान शब्दों में समझाया। उन्होंने साफ कहा कि सेना सरकार के आदेशों का पालन करती है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सेना राजनीतिक हो गई है। जनरल नरवणे ने उन सभी कोशिशों की आलोचना की जिनमें सेना को सियासी मामलों में खींचने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय सशस्त्र बल पूरी तरह से अराजनीतिक हैं और एक संस्था के रूप में वे कभी भी राजनीति का हिस्सा नहीं बनेंगे।
क्या सरकार का आदेश मानना सेना का राजनीतिकरण?
इस सवाल का जवाब देते हुए पूर्व सेना प्रमुख ने 'चेन ऑफ कमांड' यानी आदेशों की श्रंखला का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सेना में एक अनुशासन होता है जिसके तहत जूनियर अपने सीनियर का आदेश मानता है। एक सेना प्रमुख के ऊपर देश के रक्षा मंत्री होते हैं। अगर रक्षा मंत्री कोई आदेश देते हैं, तो सेना को उसे हर हाल में मानना होता है। रक्षा मंत्री का आदेश मानना सेना की ड्यूटी है। आदेश का पालन करने का मतलब यह नहीं है कि सेना किसी राजनीतिक दल की हो गई है। सेना हमेशा अराजनीतिक रहकर ही अपना काम करती है।
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हम पड़ोसी देशों के मुकाबले इतने आगे क्यों?
जनरल नरवणे ने पड़ोसी देश पाकिस्तान का सीधा नाम तो नहीं लिया लेकिन उसकी तरफ इशारा करते हुए एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश अगर अपने पड़ोसियों से इतना आगे निकल पाया है, तो उसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि हमारी सेना राजनीति से कोसों दूर है। उन्होंने चेतावनी दी कि सेना को राजनीति में खींचने की कोशिशें देश के लिए बहुत खतरनाक हैं। अगर हमें विकास के रास्ते पर आगे बढ़ते रहना है, तो सेना का अराजनीतिक बने रहना बहुत जरूरी है।
सेना के जवानों के लिए जनरल नरवणे का क्या संदेश?
पूर्व सेना प्रमुख ने अंत में कहा कि कुछ लोग बेवजह हर बात का मुद्दा बना लेते हैं, लेकिन सेना इससे घबराने वाली नहीं है। सेना को खुद पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि कोई कुछ भी कहे, भारतीय सेना किसी के बिछाए जाल में नहीं फंसेगी। जनरल नरवणे ने बताया कि वह हमेशा अपने जवानों से कहते थे कि खुद पर और अपनी संस्था पर पूरा भरोसा रखें। उन्होंने जवानों को यह विश्वास दिलाया कि भारतीय सेना एक बेहतरीन संगठन है और वह जो भी कदम उठाएगी, वह हमेशा देश की भलाई के लिए ही होगा।