स्वदेश में निर्मित एयरक्राफ्ट तेजस को आज वायु सेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया। रूस की मदद से बने इस एयरक्राफ्ट को विशेष खूबियों से लैस बताया जा रहा है। यह सिंगल इंजन वाला विमान है जो मल्टी रोल परफार्मेंस देने में सक्षम है। यह ध्वनि से भी तेज रफ्तार से दुश्मनों पर हमला कर सकता है। इसकी टॉप स्पीड 1920 किमी प्रति घंटा तक है।
भारतीय वायुसेना तेजस में कई बड़े बदलाव करके इसे पांचवी पीढ़ी के उन्नत लड़ाकू विमान के तौर पर विकसित करने जा रही है। जिसके लिए इसमें करीब 43 बड़े बदलाव किए गए हैं। तेजस में जिस इंजन का इस्तेमाल किया गया है वह काफी उन्नत किस्म का है जो इस विमान को बेहतरीन ताकत और क्षमता प्रदान करता है। तेजस इलेक्ट्रानिक वारफेयर से लैस विमान है जो दुश्मन के रडार और मिसाइल को जाम करने में सक्षम है।
माना जा रहा है कि तेजस के वायुसेना में शामिल होने के बाद भारत की हवाई ताकत काफी बढ़ जाएगी। रक्षा विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि तेजस की खूबियों के दम पर भारत चीन जैसे देश को टक्कर देने की स्थिति में आ सकता है। रक्षा क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए भारत अनसुंधान और रक्षा बजट पर पहले के मुकाबले अब ज्यादा खर्च कर रहा है। क्या आप भी मानते हैं कि इन प्रयासों के बल पर भारत दक्षिण एशिया में एक मजबूत सामरिक ताकत बनकर उभर सकता है।
क्या आप मानते हैं दक्षिण एशिया की मजबूत सामरिक ताकत बन रहा है भारत?