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आसमान के जांबाजों ने एक्सप्रेस-वे पर दिखाया रफ्तार का रोमांच

Wed, 25 Oct 2017 01:15 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
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भारतीय वायु सेना ने दुश्मनों द्वारा एयरफोर्स बेस के रनवे को नुकसान पहुंचाए जाने या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में हाईवे पर लड़ाकू विमान उतारने की क्षमता का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में 35 हजार किग्रा वजनी सी 130 जे सुपर हरक्यूलिस विमान समेत मिराज-  2000, सुखोई, जगुआर लड़ाकू विमान शामिल थे।
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हालांकि चीन और पाकिस्तान पहले ही इस प्रकार का प्रदर्शन कर चुके हैं। चीन 1989 में और पाकिस्तान 2000 में ही हाईवे पर लड़ाकू विमान उतारने और उड़ाने का प्रदर्शन कर चुके हैं और उसे दोहराते भी रहते हैं। पाकिस्तान हाईवे के किनारे विमानों में ईंधन भरने सहित विमानन की कई सुविधाएं भी विकसित कर चुका है।

पढ़ें: पूरी दुनिया को अपनी ताकत का लोहा मनवा रही वायुसेना

मिराज-   2000

कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले फाइटर जेट मिराज-2000 ने एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार भर दर्शकों का रोमांच दुगना कर दिया। इसे भारतीय वायुसेना में वज्र के नाम से भी जाना जाता है। तीन विमानों के पायलटों ने टाइगर व क्रॉसबो फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया। अधिकतम 2,495 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाले मिराज ने एयर स्ट्रिप को टचडाउन किया और वापस हवा में उड़ गया। 

एक के बाद एक छह मिराज सुपरसोनिक विमानों ने एक्सप्रेस वे पर दर्शकों में रोमांच बढ़ाया। मिराज- 2000 ग्वालियर वायुसेना स्टेशन से एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे थे। वैसे तो मिराज सिंगल सीटर होता है, पर ऑपरेशनल एक्सरसाइज में डबल सीटर ट्रेनर वर्जन का इस्तेमाल किया गया। 

सुखोई

सुखोई
लड़ाकू विमानों के टचडाउन का सिलसिला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, दर्शकों का रोमांच व उत्साह दोगुना होता गया। विमानों को देखने के लिए दर्शकों की लम्बी कतारें एयर स्ट्रिप के किनारे लगी हुई थी। इसी बीच तेज गड़गड़ाहट के साथ बरेली वायुसेना स्टेशन से सुखोई विमानों का जत्था एक्सप्रेस-वे पहुंचा। 

पहले तो सुखोई ने आसमान में रफ्तार का परिचय दिया, फिर पायलटों ने बहुत ही सधे ढंग से एक्सप्रेस-वे पर टचडाउन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। 2,120 स्कवैड्रन, जिसे हॉक भी कहा जाता है, ने वैम्पायर फार्मेशन बनाकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। इसके बाद तीनों सुखोई ने आसमान में दिल का आकार बनाया। 
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जगुआर

सुपरसोनिक फाइटर जेट जगुआर, जो 1,700 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से उड़ता है, जब एयर स्ट्रिप पर आया तो उसने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:10 तक गोरखपुर एयरबेस से आए जगुआर ने फार्मेशन दिखाए और वाहवाही लूटी। विमान की रेंज 850 किमी होती है और ऊंचाई तक जाने की क्षमता 13,779 मीटर है, जो 4500 किग्रा वजन तक के हथियार लेकर रफ्तार भरता है। 

हरक्यूलिस सी-130
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर लखनऊ से 65 किमी दूर उन्नाव जिले के बांगरमऊ के पास चार किमी की पट्टी पर सबसे पहले 35 हजार किग्रा वजनी सी 130 जे सुपर हरक्यूलिस विमान उतरा। उसके अंदर से 200 गरुड़ कमांडो अपने वाहनों के साथ बाहर आए और पूरी पट्टी को अपनी हिफाजत में ले लिया। इसके एक-एक कर लड़ाकू विमान उतरते और उड़ते रहे। इस दौरान कुल 15 लड़ाकू विमानों ने इस हैरतअंगेज करतब का प्रदर्शन किया।
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