पूर्व से कई लड़ाकू और ट्रांसपोर्ट विमान पहुंचे
इस युद्धाभ्यास में पायलट पहाड़ी और जमीनी दोनों ही लक्ष्यों पर हमला करने के मिशन को अंजाम दे रहे हैं। युद्ध अभ्यास के लिए पूर्वी क्षेत्र से भी कई लड़ाकू और ट्रांसपोर्ट विमान पहुंचाए गए हैं। इस युद्धाभ्यास के तहत भारतीय वायुसेना के पायलट लंबी दूरी की उड़ानें भर रहे हैं। पायलटों को वास्तविक युद्ध जैसा अनुभव देने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस अभ्यास की शीर्ष स्तर पर भी निगरानी के जा रही है।
अभ्यास में हवा से हवा में मार करने वाले अति उन्नत मीटियोर और लंबी दूरी तक सटीक निशाना लगाने वाले मिसाइल संयक्ष का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही वायुसेना के अन्य स्क्वाड्रन भी बड़े स्तर पर तैयारी में जुटे बताए जा रहे हैं। इनमें खासतौर पर मिराज-2000 युद्धक विमान को तैयार किया जा रहा है।
कई शीर्ष पायलट भी अभ्यास में शामिल
यह युद्धाभ्यास ऐसे समय हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव बढ़ा है। यह युद्धाभ्यास एयर हेडक्वार्टर्स की कड़ी निगरानी में हो रहा है। इसमें वायुसेना के शीर्ष पायलट भाग ले रहे हैं, जिन्हें अनुभवी प्रशिक्षकों की निगरानी में अभ्यास कराया जा रहा है। बता दें कि, फरवरी 2019 में पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक में भी भारतीय वायुसेना की अहम भूमिका रही थी। तब वायुसेना ने मिराज-2000 विमानों का उपयोग किया था, लेकिन उसके बाद से वायुसेना में कई 'फोर्स मल्टीप्लायर' शामिल किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार, पाकिस्तान के साथ सीमा पर लागू युद्धविराम समझौते को भी रद्द करने की घोषणा कर सकती है।
पहलगाम में आतंकी हमला
आतंकवादियों ने मंगलवार 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में पर्यटकों पर हमला किया, जिसमें 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं।