पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने आतंकियों की कायराना हरकत पर नाराजगी जताई और उनसे कई सवाल पूछे। मंगलवार को हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई है जिसमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
गावस्कर ने जताया शोक
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इस बात पर जोर दिया कि हिंसा से कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता है। उन्होंने देश की बेहतरी के लिए शांति बनाए रखने की अपील की। इस दौरान उन्होंने आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
आतंकियों पर भड़के गावस्कर
गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा- मैं उन सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। इसने हम सभी भारतीयों को प्रभावित किया है। मैं बस सभी अपराधियों और उनका समर्थन करने वाले सभी लोगों - आतंकवादियों, उनके आकाओं से एक सवाल पूछना चाहता हूं - इस सारी लड़ाई से क्या हासिल हुआ है?
उन्होंने आगे कहा- पिछले 78 वर्षों में एक मिलीमीटर जमीन भी हाथों-हाथ नहीं बदली है, है न? इसलिए अगले 78,000 वर्षों तक और उसके बाद के सभी वर्षों तक कुछ भी नहीं बदलने वाला है। तो क्यों न हम शांति से रहें और अपने देश को मजबूत बनाएं? यही मेरी अपील है।
मरने वालों में ज्यादातर पर्यटक
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट ‘मिनी स्विटरलैंड’ नाम से मशहूर पर्यटन स्थल पर मंगलवार दोपहर हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक हैं। यह 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला है। पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन चीड़ के पेड़ों के घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा देश व दुनिया के पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थान है। पहलगाम हमले के संबंध में अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारबंद आतंकवादी 'मिनी स्विट्जरलैंड' में घुस आए और भोजनालयों के आसपास घूम रहे, खच्चर की सवारी कर रहे, पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।