भारतीय नौसेना के लिए एक बड़े प्रोत्साहन में केंद्र ने बुधवार को समुद्री बल के लिए पांच बेड़ा समर्थन जहाजों के निर्माण की परियोजना को अंतिम मंजूरी दे दी। ये जहाज नौसेना को अपने युद्धपोतों को ईंधन, भोजन और गोला-बारूद से भरने में मदद करेंगे। इन पांच जहाजों का निर्माण कई भारतीय निजी क्षेत्र के छोटे व मध्यम उद्यमों के सहयोग से विशाखापत्तनम स्थित रक्षा मंत्रालय के हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) में होगा।
स्वदेशी रूप से बनाए जाने वाले जहाज भारतीय नौसेना के आत्मानिर्भरता लक्ष्यों को भी बढ़ावा देंगे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, लगभग 20,000 करोड़ रुपये की परियोजना को केंद्र सरकार ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक में अंतिम मंजूरी दे दी। इस परियोजना से लंबी अवधि के लिए हजारों नई नौकरियां पैदा होने और परियोजना से जुड़े उद्योगों की क्षमताओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
योजना के अनुसार, एचएसएल को लगभग आठ वर्षों में सभी जहाजों की डिलीवरी की उम्मीद है। प्रत्येक जहाज का वजन लगभग 45,000 टन होगा। भारतीय नौसेना ने पांच फ्लीट सपोर्ट जहाजों के निर्माण के लिए एचएसएल को चुना था।
दूसरी ओर, भारतीय वायुसेना ने इस साल के अंत में बहु-राष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ की मेजबानी करने वाला था जिसको अब स्थगित कर दिया गया है। रक्षा अधिकारी ने बयान जारी कर कहा कि बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति' की योजना भारतीय वायुसेना द्वारा बनाई जा रही है और इस अभ्यास में मित्र देशों की वायु सेनाएं शामिल होंगी।
आगे कहा कि अभ्यास को इस वर्ष के लिए योजनाबद्ध किया गया था, लेकिन मित्र देशों के कार्यक्रम के साथ बेहतर ढंग से संरेखित करने और अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अभ्यास को अगले वर्ष के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है।