हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में मौजूद राफेल विमान की पहली स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर का तबादला कर दिया गया है। अधिकृत सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह को शिलांग में पूर्वी एयर कमांड मुख्यालय में भेजा गया है।
भारतीय वायुसेना के सूत्रों का कहना है कि उनकी जगह 17 गोल्डन एरोज नाम से गठित पहली राफेल स्क्वाड्रन के नए कमांडिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी ग्रुप कैप्टन रोहित कटारिया को सौंपी गई है।
सूत्रों का कहना है कि ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह को पूर्वी एयर कमांड में जल्द ही गठित होने वाली राफेल विमानों की दूसरी स्क्वाड्रन को ध्यान में रखकर वहां भेजा गया है। दूसरी स्क्वाड्रन का गठन अप्रैल के मध्य में पश्चिमी बंगाल के हाशिमारा एयरबेस पर किया जाएगा। हालांकि भारतीय वायुसेना के आला अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं करते हुए ग्रुप कैप्टन सिंह के स्थानांतरण को रूटीन प्रक्रिया बताया है।
ग्रुप कैप्टन सिंह की देखरेख में ही पिछले साल 29 जुलाई को फ्रांस से भारत पहुंची पांच राफेल विमानों की पहली खेप को 10 सितंबर को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में पहली राफेल स्क्वाड्रन के तौर पर तैनाती मिली थी। इसके बाद दूसरी खेप में तीन अन्य राफेल विमान पिछले साल तीन नवंबर को और तीसरी खेप में तीन अन्य विमान इस साल 27 जनवरी को फ्रांस से देश में पहुंच चुके हैं।
इस तरह अब तक 11 राफेल विमान देश में आ चुके हैं। अगले कुछ महीनों में देश को कई और राफेल विमान मिलने की उम्मीद है। इसी कारण दूसरी स्क्वाड्रन के गठन की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। भारत ने फ्रांस सरकार के साथ 59 हजार करोड़ रुपये में 36 राफेल विमानों की खरीद का सौदा किया था। इनमें से पहले पांच विमान पिछले साल जुलाई में भारत पहुंचे थे। एक स्क्वाड्रन में 18 विमान होते हैं।