वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने शनिवार को जोरहाट का दौरा किया था। इसके बाद विमान में सवार अधिकारियों और कर्मियों के परिजनों से मुलाकात की थी और ढाढस बंधाया था। मालूम हो कि रूस निर्मित एएन-32 विमान ने अरुणाचल प्रदेश के शि-योमि जिले के मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए सोमवार रात 12 बजकर 27 मिनट पर असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी। जमीनी नियंत्रण कक्ष के साथ विमान का संपर्क दोपहर एक बजे टूट गया।
विमान में चालक दल के आठ सदस्य और पांच यात्री सवार थे। वायु सेना के प्रवक्ता विंग कमांडर रत्नाकर सिंह ने बताया कि खोज टीम इसरो के उपग्रहों सहित विभिन्न एजेंसियों के उन्नत तकनीक और सेंसर के साथ विमान का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
विंग कमांडर रत्नाकर सिंह ने बताया कि दुर्गम इलाके और घने जंगल से मिशन प्रभावित हो रहा है। दिन भर खराब मौसम और कम दृश्यता(विजिवलिटी) के कारण गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के बावजूद वायुसेना, थल सेना और स्थानीय प्रशासन का संयुक्त खोज अभियान चल रहा है। भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की टीमें सियांग जिले के आसपास के इलाकों में विमान की तलाश कर रही हैं।
भारतीय वायुसेना ने अभियान में और अधिक हेलीकॉप्टरों और मालवाहक विमानों को तैनात किया है और पिछले कुछ दिनों में खोज क्षेत्र का काफी विस्तार किया है। साथ ही हवाई सेंसर और उपग्रहों से एकत्र किए गए डेटा और तस्वीरों का सुराग ढूंढ़ने के लिए जांच चल रही है।
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