उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) के डिजाइन और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए रक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री की अगुआई वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति (सीसीएस) से मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने सोमवार को राज्यसभा में प्रोजेक्ट के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
मध्यम लड़ाकू जेट विकसित करने पर काम
अपनी हवाई क्षमता में बढ़ोतरी के लिए भारत उन्नत सुविधाओं के साथ पांचवीं पीढ़ी के मध्यम वजन वाले लड़ाकू जेट विकसित करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। प्रोजेक्ट पर शुरुआती अनुमानित खर्च 1500 करोड़ रुपये है। विश्व में अभी अमेरिका, रूस और चीन जैसे कुछ चुने हुए देशों के पास ही पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान हैं।
विमान से जुड़े हादसों में 42 रक्षाकर्मियों की जान गई
रक्षा मंत्रालय द्वारा सोमवार को राज्यसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में तीनों रक्षा सेवाओं में से हेलीकॉप्टर सहित विमान से जुड़े हादसों में 42 रक्षाकर्मियों की जान गई। पिछले पांच वर्षों में कुल हवाई दुर्घटनाओं की संख्या 45 थी, जिसमें भारतीय वायुसेना में सबसे अधिक 29 हादसे हुए। इस तरह की दुर्घटनाओं में मारे गए रक्षा कर्मियों का विवरण देते हुए भट ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने 34 लोगों को खो दिया, जबकि भारतीय सेना में सात और भारतीय नौसेना में एक सैन्यकर्मी की मृत्यु हुई।
पांच वर्षों में 156 सेना के जवान शहीद
उनकी ओर से राज्यसभा में उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में आतंकवादी हमलों के साथ-साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में 156 सेना के जवान और तीन भारतीय वायुसेना के तीन जवान शहीद हुए। एक सवाल के जवाब में अजय भट्ट ने कहा कि 2017 में आतंकवादी हमलों व आतंकवाद विरोधी अभियानों में सेना में हताहतों की संख्या 40 थी जो 2018 में बढ़कर 47 हो गई। 2019 में यह संख्या 27 थी, 2020 में 23 और यह 2021 में 19 थी। भट्ट ने कहा कि 2017 में भारतीय वायु सेना के तीन कर्मी शहीद हुए, जबकि 2022 में किसी की जान नहीं गई। पिछले पांच वर्षों में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान 323 सैन्यकर्मी घायल हुए। इस अवधि के दौरान कोई भी नौसैनिक हताहत नहीं हुआ।
रक्षा राज्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि 2010 से रक्षा कर्मियों की संलिप्तता के भ्रष्टाचार के कुल 1080 मामले सामने सामने आए हैं। वायुसेना से 29, नौसेना से पांच और थल सेना से 2013 से 2021 के बीच 1046 मामले सामने आए हैं।