यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) का प्रोबा-3 मिशन सितंबर में भारत के पीएसएलवी पर लॉन्च होगा। इस अभिनव मिशन में दो छोटे सैटेलाइट, एक कोरोनाग्राफ और सौर-डिस्क-आकार का ऑकल्टर शामिल हैं।
अंतरिक्ष में सूर्य अध्ययन के लिए कृत्रिम ग्रहण बनाया जाएगा। इसके लिए यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) का प्रोबा-3 मिशन सितंबर में भारत के पीएसएलवी पर लॉन्च होगा। इस अभिनव मिशन में दो छोटे सैटेलाइट, एक कोरोनाग्राफ और सौर-डिस्क-आकार का ऑकल्टर शामिल हैं।
विज्ञापन
यह जो लगभग 150 मीटर की दूरी पर उड़ान भरेंगे। यूरोपियन एजेंसी ने कहा कि ये मिशन एक कृत्रिम ग्रहण बनाने के लिए दो उपग्रहों के बीच उड़ान भरेगा। यह कोरोनाग्राफ के टेलीस्कोप पर अपनी परछाई डालेगा। इससे सूर्य का सीधा प्रकाश अवरुद्ध हो जाएगा। इससे कोरोनाग्राफ को एक समय में कई घंटों तक पराबैंगनी और ध्रुवीकृत प्रकाश में धुंधले सौर कोरोना की छवि बनाई जा सकेगी।
मॉरीशस के साथ उपग्रह बनाएगा इसरो : संयुक्त लघु उपग्रह बनाने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और मॉरीशस रिसर्च एंड इनोवेशन काउंसिल (एमआरआईसी) के बीच पिछले वर्ष 1 नवंबर, 2023 को मॉरीशस के पोर्ट लुई में हुए समझौते को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी।