फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत 2030 तक खत्म कर देगा लैंगिक असमानता, शिशु मृत्युदर में हो रही है लगातार कमी

Sat, 01 Feb 2020 02:48 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
राष्ट्रीय महिला आयोग
विज्ञापन

बीजिंग में महिला विश्व सम्मेलन की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर भारत की प्रतिबद्धता को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने संयुक्त राष्ट्र की महिला प्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें भारत में पिछले 25 वर्षों में महिला अधिकारों और लैंगिक समानता के लिए हुए कामों और कमियों पर चर्चा की गई।

विज्ञापन


सम्मेलन में तय हुआ कि भारत 2030 तक लैंगिक असमानता को खत्म करेगा और इसके लिए एक रोडमैप बनाया जाएगा। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए एक सक्षम तंत्र (मैकेनिज्म) भी तैयार किया जाएगा। 

सम्मेलन में सौ से ज्यादा सरकारी विभागों, महिला चिंतकों, सामाजिक संगठनों और शिक्षा व मीडिया से जुड़े विशेषज्ञों ने अपना पक्ष रखा। सम्मेलन के दौरान भारत ने 12 सूत्रीय एजेंडे पर चर्चा की। इसमें कहा गया कि देश में महिला सशक्तीकरण को लेकर धीरे-धीरे जागरूकता विकसित हो रही है।
विज्ञापन


महिलाओं को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। शिक्षा उनके सामाजिक उत्थान और राजनीति में प्रतिभागिता बढ़ी है। शिशु मृत्युदर में लगातार कमी आ रही है। घरों के बजाए अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चों की संख्या 78.9 फीसदी हो गई है। यह पूर्व के हालातों से दुगुने से भी ज्यादा है। 


आयोग का संकल्प...महिलाओं को अधिकारों के प्रति बनाना होगा सशक्त

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिनिधि निष्ठा सत्यम ने कहा कि महिला अधिकारों के लिए सतत प्रयास करने की जरूरत है। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति और सशक्त बनाना होगा। इसके लिए नीति निर्धारण में महिलाओं की भूमिका सुनिश्चित करनी होगी। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा महिलाओं के प्रति लैंगिक असमानता को खत्म करने और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए आयोग संकल्पित है।    

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें