रेलवे ने मालगाड़ी से सामानों की सुरक्षा और चोरी रोकने के लिए पहली बार सशस्त्र रक्षक दल को तैनात करने की मंजूरी दे दी। एक बयान में रेलवे ने कहा है कि शुरुआत में रक्षक दलों को पूर्व रेलवे जोन में तैनात किया जाएगा। छह महीने बाद इसकी समीक्षा की जाएगी और उसके बाद अन्य जोन में लागू किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड के आदेश में कहा गया है कि अधिकारियों ने सामानों से लदी चलती मालगाड़ी में चोरी रोकने के लिए रक्षक दलों को तैनात करने का फैसला किया है। दरअसल 2014 में मालगाड़ियों में रक्षकों को साथ जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्हें हथियार साथ रखने की इजाजत नहीं थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हालांकि मालगाड़ियों में चोरी के ज्यादा मामले सामने नहीं आ रहे, फिर भी उद्योग जगत की मांग पर हमने रक्षक दलों की तैनाती का फैसला लिया है।
उन्होंने बताया कि माल भेजने वाले और प्राप्त करने वालों के हस्ताक्षरित अनुरोध पर रक्षक दल मुहैया कराया जाएगा। अनुरोध पत्र में सुरक्षाकर्मियों की संख्या और सिक्योरिटी एजेंसी का नाम भी देना होगा। साथ ही माल प्रेषक और प्राप्तकर्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि मालगाड़ी पर तैनात रक्षक दल केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के कानून का पालन करेंगे।
साथ ही आरपीएफ, जीआरपीएफ और पुलिस को सुरक्षा एजेंसी और इस गतिविधि के बारे में समय से पहले सूचित करना होगा।