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Crude oil: जहां से सस्ता और अच्छा तेल मिलेगा, भारत वहां से खरीदेगा कच्चा तेल;  सरकार का संसदीय समिति को जवाब

Tue, 10 Feb 2026 10:21 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

 सरकार ने मंगलवार को एक संसदीय समिति को बताया कि भारत उन देशों से कच्चे तेल खरीदना जारी रखेगा, जहां यह सस्ता और सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला है। साथ ही, भारतीय तेल कंपनियां भू-राजनीतिक स्थिति और गैर-प्रतिबंधित स्रोतों को ध्यान में रखते हुए तेल की खरीदारी करेंगी।
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कच्चा तेल - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सरकार ने साफ किया है कि भारत उन देशों से कच्चा तेल आयात करता रहेगा, जहां यह सस्ता होने के साथ-साथ बेहतर गुणवत्ता का भी हो। साथ ही भारतीय तेल कंपनियां जियो-पॉलिटिकल हालात और बिना प्रतिबंध वाले स्रोतों को ध्यान में रखकर ही खरीदारी करेंगी। यह जानकारी सरकार ने मंगलवार को एक संसदीय समिति को दी। सूत्रों के मुताबिक, विदेश और वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति को इस बारे में विस्तृत जानकारी दी।

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तीन घंटे चली बैठक
शशि थरूर ने बैठक के बाद बताया कि यह चर्चा तीन घंटे से ज्यादा चली और 30 में से 28 सदस्य मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने सभी सवालों के जवाब पूरे भरोसे और विस्तार से दिए। बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल थे। थरूर के अनुसार, चर्चा का बड़ा हिस्सा भारत-अमेरिका ट्रेड डील और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर केंद्रित रहा। रूसी तेल, कृषि उत्पादों और वैश्विक व्यापार से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी बात हुई।

यूएस टैरिफ और अंतरिम ट्रेड डील पर चर्चा
अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे 18 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ पर थरूर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को अब एक तरह से ‘हथियार’ बनाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले भारतीय उत्पादों पर कुल 50 फीसदी तक टैरिफ लगता था, जिसे घटाकर 18 फीसदी किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है, जिन्हें सबसे कम दर का फायदा मिला है। अधिकारियों ने समिति को बताया कि भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को अगले महीने तक अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद ही इसके सभी पहलुओं पर स्पष्टता आएगी और संसद में भी इस पर चर्चा होगी।
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तेल आयात और वैश्विक रिश्ते
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने बताया कि भारतीय तेल कंपनियां अब अमेरिका के साथ-साथ वेनेज़ुएला जैसे देशों से भी तेल खरीद सकती हैं, जहां सरकार बदलने के बाद ऊर्जा क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध हटाए गए हैं। बैठक में भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी चर्चा हुई। थरूर ने कहा कि बांग्लादेश में चुनाव नतीजे आने के बाद समिति इस मुद्दे पर अलग से बातचीत करेगी। आप सांसद राघव चड्ढा ने भी बैठक को जानकारी से भरा हुआ बताया और कहा कि अधिकारियों ने ट्रेड एग्रीमेंट्स पर विस्तार से प्रस्तुति दी। उनके मुताबिक, इन समझौतों का असर जमीन पर दिखने में थोड़ा समय लगेगा।

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