उद्योग व आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को कहा, 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बड़ी भूमिका होगी। साथ ही, इसे कर प्रोत्साहन, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के अनिवार्य प्रावधान से समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा, ईवी का विकास और उन्हें अपनाना भारत के निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था में बइलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सचिव ने कहा, सड़क से रेल तक माल ढुलाई के ‘मॉडल शेयर’ में बदलाव माल परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने के लिए एक प्रभावी कदम होगा। सरकार की ओर से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी देना सतत विकास के प्रति देश के समर्पण को रेखांकित करता है। विकसित भारत@2047 का उद्देश्य आजादी के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है।
घरेलू कोयला आधारित बिजली उत्पादन में 7.14 फीसदी इजाफा
घरेलू कोयला आधारित बिजली उत्पादन चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 7.14 फीसदी बढ़कर 872 अरब यूनिट पहुंच गया। कोयला मंत्रालय ने एक बयान में कहा, घरेलू कोयला आधारित बिजली उत्पादन में वृद्धि देश में बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए कोयले की पर्याप्त आपूर्ति को दर्शाती है। एक साल पहले की समान अवधि में घरेलू कोयला आधारित बिजली उत्पादन 813.9 अरब यूनिट रहा था। मंत्रालय के मुताबिक, बिजली की बढ़ती मांग के बावजूद चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में मिश्रण लिए कोयला आयात 40.66 फीसदी घटकर 1.708 करोड़ टन रह गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2.878 करोड़ टन रहा था।
अप्रैल से साणंद प्लांट में ईवी बनाएगी टाटा
टाटा मोटर्स अप्रैल से फोर्ड इंडिया से अधिग्रहण किए गए साणंद प्लांट में इलेक्ट्रिक वाहनों का विनिर्माण शुरू कर सकती है। टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लि. ने जनवरी, 2022 में फोर्ड इंडिया से 725.7 करोड़ में इस प्लांट का अधिग्रहण किया था। टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक (यात्री वाहन) शैलेश चंद्रा ने कहा, हम अप्रैल से नेक्सन ईवी के साथ साणंद में ई-वाहन विनिर्माण शुरू करने की योजना बना रहे हैं। एजेंसी
कोलगेट पामोलिव का लाभ 35.7 फीसदी बढ़ा
एफएमसीजी कंपनी कोलगेट पामोलिव इंडिया लि. का शुद्ध मुनाफा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 35.7 फीसदी बढ़कर 330.11 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी की बिक्री 8.21 फीसदी बढ़कर 1,386.41 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, कुल खर्च एक साल पहले की तुलना में मामूली घटकर 970.14 करोड़ रुपये रहा।