इस साल का थीम 'क्रिएट, कनेक्ट एंड शेयर रेस्पेक्ट : ए बेटर इंटरनेट स्टार्ट विद यू' रखा गया है। इस अभियान में बच्चे, अभिभावक और टीचर शामिल हैं। इसके तहत सालभर जागरूकता कैंपेन शुरू किया जाता है। ब्रिटेन में इस साल एक सर्वे भी किया गया है, जिसमें 1700 संगठनों ने भाग लिया है। इसके जरिए साइबर सुरक्षा को लेकर 45 फीसदी युवाओं तक पहुंच बनाई गई है।
अब इसी तर्ज पर भारत में भी साइबर सुरक्षा को लेकर काम शुरू होगा। डॉ. मुक्तेश चंद्र का कहना है कि जैसे दूसरे देशों में सेफर इंटरनेट-डे' मनाया जा रहा है, वैसे ही अपने देश में भी अब साइबर सेफ्टी-डे आयोजित किया जा सकता है। हालांकि सरकार पहले से ही इस अपराध को लेकर चिंतित है, लेकिन अभी तक यह आम जन की समझ से परे है। जानकारी के अभाव में ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड और दूसरे साइबर अपराध हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर स्कूल और कालेज में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। यह आइडिया सभी को पसंद आया है। उम्मीद है कि जल्द ही भारत में भी जन-जन तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने के लिए साइबर सेफ्टी-डे मनाया जाएगा।