निसार मिशन बायोमास, प्राकृतिक खतरों, समुद्र के स्तर में वृद्धि और भूजल के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पृथ्वी के बदलते पारिस्थितिक तंत्र, गतिशील सतरों और बर्फ के द्रव्यमान को मापेगा एवं अन्य तरह की तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगा।
भारत-अमेरिका इस साल साझा उपग्रह छोड़ेंगे। विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को इस साझा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाते हुए भारत और अमेरिका इस साल एक संयुक्त उपग्रह- नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (निसार) सेटेलाइट प्रक्षेपित करेंगे।
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उन्होंने नेशनल साइंस फाउंडेशन के निदेशक सेथुरमन पंचनाथन के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान यह बात कही। निसार मिशन बायोमास, प्राकृतिक खतरों, समुद्र के स्तर में वृद्धि और भूजल के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पृथ्वी के बदलते पारिस्थितिक तंत्र, गतिशील सतरों और बर्फ के द्रव्यमान को मापेगा एवं अन्य तरह की तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगा।
सिंह ने दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष के क्षेत्र में और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, खासकर अंतरिक्ष कचरे के प्रबंधन जैसे उभरते क्षेत्रों में। इसके अलावा साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्वांटम, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी गहरे संबंधों का प्रस्ताव किया।