भारत और अमेरिका के बीच जारी व्यापार वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इससे भारत का हित सुरक्षित रहेगा और दोनों देशों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि वह कृषि, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों के साथ लगातार बात कर रहे हैं।
अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा जारी
साथ ही एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर चर्चा जारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सही दिशा में बढ़ रही है। इसका अच्छा परिणाम निकलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 2 अप्रैल को पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा से क्या कोई भूचाल आएगा। इस पर गोयल ने कहा कि भारत की विकास गाथा सुरक्षित रहेगी और देश वैश्विक अर्थव्यवस्था को शक्ति प्रदान करता रहेगा।
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उन्हाेंने कहा कि भूचाल फ्लाइट में आ सकता है, लेकिन हालात पर कमांडर का पूरा नियंत्रण है। इसलिए फ्लाइट न केवल सुरक्षित लैंड करेगी, बल्कि हम ऐसी कई यात्राओं को सफलतापूर्वक पार करेंगे और विकसित भारत 2047 के गंतव्य तक पहुंचेंगे।
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हम देश को अमृत काल में ले जाएंगे- पीयूष गोयल
इसके साथ ही गोयल ने कहा कि हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए हम देश को अमृत काल में ले जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण से संबंधित वार्ता में वस्तुओं पर शुल्क घटाने सहित भारत की डिजिटल सेवाओं को उदार बनाने पर गहन चर्चा हो रही है। दरअसल सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल (यूएसटीआर) ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में भारत आया हुआ है। इस प्रतिनिधिमंडल के वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ बुधवार को शुरू हुई तीन दिवसीय गहन चर्चा शुक्रवार को समाप्त हो जाएगी।
अमेरिका के जवाबी शुल्क का भारत पर प्रभाव नहीं, मौके बढ़ेंगे
नीति आयोग के मुताबिक अमेरिका की ओर से जवाबी शुल्क लगाए जाने का भारत पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। उलटा, भारत के लिए इससे कई मौके पैदा होंगे। नीति आयोग के कार्यक्रम निदेशक प्रवाकर साहू ने कहा कि मेक्सिको, चीन और कनाडा, जो अमेरिका के कुल आयात का 50 फीसदी हिस्सा हैं, की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर है। साहू नीति आयोग की तिमाही व्यापार निगरानी के दूसरे संस्करण के विमोचन के बाद बोल रहे थे। साहू ने कहा, हम डाटा को बहुत ही अलग-अलग स्तर पर देख रहे हैं। ये प्रारंभिक परिणाम हैं, लेकिन मैं सिर्फ यह बता सकता हूं कि हम हारने वाले नहीं हैं। यह पारस्परिक टैरिफ बहुत ही विशिष्ट क्षेत्रों को छोड़कर किसी को प्रभावित नहीं करने वाला है। वास्तव में, हमारे पास कई क्षेत्रों पर कब्जा करने के मौके होंगे। उन्होंने कहा कि भारत पर पारस्परिक टैरिफ योजना के प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण रिपोर्ट के अगले संस्करण में आएगा। अमेरिकी बाजार में तीन मुख्य प्रतिस्पर्धी देश हैं कनाडा, मेक्सिको और चीन। इनका अमेरिका के 3.1 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के कुल आयात में 50 फीसदी हिस्सा है। इन देशों पर 20-25 फीसदी की सीमा में टैरिफ लगने जा रहा है। साहू ने कहा, इसलिए, अगर हम अपनी स्थिति की तुलना करें और अमेरिकी बाजार में अपने प्रतिस्पर्धियों पर इन टैरिफ के लागू होने के बाद की स्थिति देखें, तो हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं।
अमेरिका ने स्टील व एल्युमीनियम पर लगाया 25 फीसदी आयात शुल्क
अमेरिका ने 12 मार्च से स्टील और एल्युमीनियम उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है। उसने पूरी तरह से निर्मित वाहनों (सीबीयू) और ऑटो पार्ट्स पर भी 25 फीसदी टैरिफ की घोषणा की है, यह 3 अप्रैल से प्रभावी होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर अप्रैल में पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कई मंचों पर कहा है कि भारत अमेरिकी वस्तुओं पर उच्च टैरिफ लगाता है। अमेरिका पहले ही चीन पर शुल्क लगा चुका है।