विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मुलाकात में रक्षा, व्यापार और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक ऐसे समय हुई जब जयशंकर के अमेरिका दौरे और क्रिटिकल मिनरल्स मंत्रीस्तरीय बैठक की तैयारी चल रही है।
भारत और अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में गुरुवार को अहम कूटनीतिक पहल देखने को मिली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब वैश्विक राजनीति में सुरक्षा, व्यापार और सप्लाई चेन को लेकर नई चुनौतियां उभर रही हैं।
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क्या रही बातचीत की पृष्ठभूमि?
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि बातचीत में भारत-अमेरिका साझेदारी के कई आयाम शामिल रहे। उन्होंने राजदूत गोर का स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि उनके कार्यकाल में द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। यह संदेश साफ संकेत देता है कि नई दिल्ली और वाशिंगटन आपसी सहयोग को केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उसे ठोस नीतिगत दिशा देना चाहते हैं।
जयशंकर का अमेरिका दौरा क्यों अहम?
सूत्रों के मुताबिक, जयशंकर अगले सप्ताह अमेरिका के दौरे पर जाएंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 4 फरवरी को अमेरिका में क्रिटिकल मिनरल्स पर पहली मंत्रीस्तरीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक की मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो करेंगे। अमेरिका का कहना है कि इन खनिजों की सुरक्षित सप्लाई उसकी आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है, जबकि भारत भी इस क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी बढ़ाना चाहता है।
पहले भी तेज हुई कूटनीतिक हलचल
25 जनवरी को अमेरिका के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने जयशंकर से मुलाकात की थी। इसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, यूक्रेन संघर्ष और द्विपक्षीय रिश्तों पर चर्चा हुई। राजदूत गोर ने उस बैठक को भी प्रोडक्टिव बताया था। इसके अलावा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी अमेरिकी सीनेटर और राजदूत गोर से मुलाकात कर व्यापारिक संबंधों पर विचार-विमर्श किया था।