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Partnership: रणनीतिक साझेदारी पर आगे बढ़े भारत, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन, विमानों की खरीद का करार बना अवसर

Wed, 15 Feb 2023 06:25 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, नई दिल्ली

सार

पीएम नरेंद्र मोदी ने एयरबस के साथ करार पर ऑनलाइन शामिल होते हुए कहा, भारत जल्द विमानन क्षेत्र में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनेगा। अगले 15 साल में भारत को 2000 से अधिक नए विमानों की जरूरत पड़ेगी।
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ऋषि सुनक, इमैनुएल मैक्रों, जो बाइडन - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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देश के नागरिक विमानन क्षेत्र में एअर इंडिया के सबसे बड़े सौदे ने भारत, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन को रणनीतिक रूप से और करीब आने का अवसर मुहैया कराया है। टाटा समूह की इस कंपनी के एयरबस-रॉल्स रॉयस और बोइंग से 470 विमानों की खरीद के समझौतों के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों के बीच टेलीफोन व ऑनलाइन बातचीत हुई, जिसने भारत व इन दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और गहरी कर दी।

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी करार को मील का पत्थर बताते हुए कहा, वह भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे। मोदी व मैक्रों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के लिए सकारात्मक सहयोग का वादा भी किया। बाइडन व मैक्रों से मंगलवार को अलग-अलग बातचीत में मोदी ने व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर संतोष जताया। नेताओं ने कहा, इस साझेदारी से सभी क्षेत्रों में चौतरफा विकास हुआ है।

बाइडन से बातचीत में दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण व उभरती प्रौद्योगिकी पर पहल (आईसीईटी) की वाशिंगटन में हुई पहली बैठक पर खुशी जताई। कहा, इससे अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर, रक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत होगा। पीएम मोदी ने मैक्रों से कहा, हिंद-प्रशांत में सुरक्षा व स्थायित्व का मुद्दा हो या अंतरराष्ट्रीय खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रश्न, भारत और फ्रांस सकारात्मक सहयोग करते रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारी साझेदारी अंतरराष्ट्रीय और बहुआयामी व्यवस्था में संतुलन व स्थायित्व सुनिश्चित कर रही है। मैक्रों ने आश्वस्त किया कि फ्रांस भारत को अत्याधुनिक तकनीक मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 
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एयरो इंडिया में 84 हजार करोड़ के ऑर्डर

सबसे बड़ा सौदा : तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बनेगा भारत
पीएम नरेंद्र मोदी ने एयरबस के साथ करार पर ऑनलाइन शामिल होते हुए कहा, भारत जल्द विमानन क्षेत्र में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनेगा। अगले 15 साल में भारत को 2000 से अधिक नए विमानों की जरूरत पड़ेगी।



हमारा नागरिक उड्डयन क्षेत्र देश के विकास का अभिन्न अंग है। इसकी मजबूती हमारी राष्ट्रीय ढांचागत नीति का अहम पहलू है। एअर इंडिया ने भारतीय विमानन क्षेत्र का सबसे बड़ा सौदा किया है। इससे एअर इंडिया देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी बन जाएगी।

मोदी : मेक इन इंडिया-मेक फॉर वर्ल्ड से नए अवसर
आठ साल में भारत में हवाईअड्डे 74 से बढ़कर 147 हुए हैं...उड़ान योजना के जरिये देश के दूर-दराज के इलाकों में हवाई संपर्क बढ़ा है। मेक इन इंडिया-मेक फॉर वर्ल्ड की सोच के तहत भारत के उड्डयन विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं। 

मैक्रों : भारत को अत्याधुनिक तकनीक देने के लिए प्रतिबद्ध
समझौता बड़ी उपलब्धि है...यह दिखाता है कि एयरबस और इसके फ्रांसीसी साझेदार भारत में नए क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। महामारी की समाप्ति के बाद दोनों देशों के बीच और सहयोग बढ़ना चाहिए।
 
बाइडन : अमेरिका के 44 राज्यों में मिलेंगे दस लाख रोजगार
ऐतिहासिक सौदे से अमेरिका के 44 राज्यों में दस लाख रोजगार मिलेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ दोनों देशों के बीच सहयोग को और आगे ले जाने के लिए उत्सुक हूं। हम वैश्विक चुनौतियों से मिलकर मुकाबला करते रहेंगे। 

भारत में बनेंगे विमान के डैने
टाटा व बोइंग के संयुक्त उद्यम टाटा बोइंग एयरोस्पेस लि. ने बोइंग 737 विमान के लिए पहला वर्टिकल डैना ढांचा हैदराबाद की फैक्टरी में तैयार कर वाशिंगटन स्थित रैंटन फैक्टरी को भेजा है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लि. ने बताया, बोइंग 737 विमान के निर्माण में इन्हीं डैनों का उपयोग होगा। 
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80 अरब डॉलर (6.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक) होगा सौदे का कुल मूल्य एयरबस 
40 विमान ए350 चौड़ी बॉडी वाले व 210 पतली बॉडी वाले खरीदे जाएंगे। आपूर्ति इसी साल से। 220 विमान बोइंग से खरीदे जाएंगे।

17 साल बाद विमान खरीद सौदा
एअर इंडिया 17 साल बाद नए विमान खरीद रही है। 2005 में अपने आखिरी सौदे में भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी ने 111 विमान खरीदे थे।

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