फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

India US Trade Talks: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता, सीमा शुल्क जैसे अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

Mon, 01 Jun 2026 06:02 AM IST
राकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।

सार

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को अंतिम रूप देने के लिए आज से नई दिल्ली में चार दिवसीय हाई-लेवल वार्ता शुरू हो रही है। इस बैठक में बाजार पहुंच, सीमा शुल्क और व्यापार सुगमता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। 
 
विज्ञापन
भारत-अमेरिका व्यापार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के विवरण को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार से नई दिल्ली में चार दिवसीय वार्ता शुरू करेंगे। इस समझौते के प्रारूप पर फरवरी में सहमति बनी थी। अमेरिकी दल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे, जबकि भारतीय दल की कमान वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन संभालेंगे।
विज्ञापन


वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्ष अंतरिम समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के साथ-साथ बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ उपायों, सीमा शुल्क, व्यापार सुगमता, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर चर्चा आगे बढ़ाएंगे। बता दें कि 7 फरवरी को दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के ढांचे की घोषणा की थी।

बदले हालात में नए सिरे से होगी चर्चा
फरवरी में हुए समझौते के तहत अमेरिका भारत पर टैरिफ 50 से घटाकर 18 फीसदी करने पर सहमत हुआ था। हालांकि, 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 150 दिनों के लिए 10 फीसदी टैरिफ लगा दिया था। इस बदलाव के कारण फरवरी में होने वाली वार्ता टल गई थी, जिसके बाद अप्रैल में वाशिंगटन में बैठक हुई। अब अमेरिकी टीम उन्हीं चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए 1 से 4 जून तक भारत दौरे पर है। एजेंसी
विज्ञापन


भारत की मंशा- कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम हो
तय ढांचे के मुताबिक, भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कृषि उत्पादों जैसे सोयाबीन तेल, फल और शराब पर टैरिफ कम करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और तकनीक खरीदने की मंशा जताई है। चूंकि अब सभी अमेरिकी व्यापारिक साझेदार 10 फीसदी टैरिफ का सामना कर रहे हैं, इसलिए भारत के साथ इस समझौते को नए सिरे से तय करना महत्वपूर्ण होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें