यूएई क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन जायद अल नाहयान
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अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन जायद अल नाहयान दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। क्राउन प्रिंस के दौरे के बीच भारत और अबू धाबी के बीच पांच समझौते हुए हैं। इनमें अधिकांश समझौते परमाणु ऊर्जा और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन समझौतों से भारत-यूएई के संबंध मजबूत होंगे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक एमिरेट्स न्यूक्लियर एनर्जी कंपनी (ईएनईसी) और न्यूक्लियर पावर कोऑपरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के बीच बराख परमाणु ऊर्जा संयंत्र के संचालन और रखरखाव को लेकर समझौता हुआ है। इसके अलावा अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच लंबे समय तक एलएनजी (तरल प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति के लिए समझौता हुआ। साथ ही एडीएनओसी और इंडिया स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड के बीच एमओयू साइन किया गया।
इसके अलावा ऊर्जा भारत और एडीएनओसी के बीच अबू धाबी ओमशोर ब्लॉक एक के लिए उत्पादन रियायत समझौता हुआ है। वहीं भारत में फूड पार्क के लिए विकास पर गुजरात सरकार और अबू धाबी विकास होल्डिंग कंपनी पीजेएससी के बीच समझौता हुआ।
अल नाहयान का पहला आधिकारिक भारत दौरा
क्राउन प्रिंस के रूप में अल नाहयान का यह पहला आधिकारिक भारत दौरा है। 10 सितंबर को अल नाहयान मुंबई के लिए रवाना होंगे। मुंबई में वह एक बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के कई बिजनेस लीडर भी शामिल होंगे। मंत्रालय ने बताया कि भारत और अबू धाबी के बीच ऐतिहासिक रूप से करीब और मित्रवत संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में कई क्षेत्रों में भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी गहरी हुई है। जिनमें व्यापार, निवेश, राजनीतिक, संपर्क, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और संस्कृति शामिल हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल फरवरी में अबू धाबी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने अबू धाबी के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी। उन्होंने आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।