फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण

Mon, 14 Mar 2016 07:28 PM IST
एजेंसी/बालासोर (ओ़ड़िशा)
विज्ञापन
विज्ञापन
 भारत में निर्मित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सोमवार को सफल परीक्षण किया गया। परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम इस मिसाइल का परीक्षण ओड़िशा के तटीय हिस्से पर एक परीक्षण रेंज से सुबह नौ बज कर 15 मिनट पर हुआ।  एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना की रणनीतिक बल कमांड के प्रशिक्षण अभ्यास के तहत इसका परीक्षण किया गया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अब्दुल कलाम आईलैंड स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज के लांचिंग पैड-4 से किया गया यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। मिसाइल ने 700 किमी की दूरी महज नौ मिनट 36 सेकंड में ही पूरी कर ली। परीक्षण के दौरान लक्ष्य भेदने तक इस मिसाइल पर अत्याधुनिक रडारों, टेलीमेट्री निगरानी केंद्रों और नौसैनिक पोतों के जरिए नजर रखी गई।

उल्लेखनीय है कि अग्नि-1 सशस्त्र बलों में शामिल की जा चुकी है। सतह से सतह पर मार करने वाली यह एक चरणीय मिसाइल ठोस प्रणोदकों से चलती है। यह अत्याधुनिक नौवहन प्रणाली से लैस है। यह प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि मिसाइल पूरी सटीकता से लक्ष्य तक पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये हैं अग्नि 1 की खूबियां

फाइल फोटो
सूत्रों के मुताबिक लक्ष्य भेदने की सटीकता की दृष्टि से इसने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अग्नि-1 को डीआरडीओ की एक प्रमुख मिसाइल विकास प्रयोगशाला ‘एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटॅरी’ ने विकसित किया है। इस काम में रक्षा अनुसंधान विकास प्रयोगशाला और अनुसंधान केंद्र इमारत के साथ हैदराबाद के भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने भी सहयोग दिया है।

मारक क्षमता : 700 किलोमीटर
वजन : 12 टन
लंबाई : 15 मीटर
- स्वदेशी तकनीक से निर्मित परमाणु क्षमता युक्त 
- सतह से सतह पर मार करने की क्षमता
- 12 टन वजनी और 15 मीटर लंबी।
- एक टन से अधिक का भार ले जा सकती है।
- भार घटा कर इसकी मारक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। 
- खास नौवहन प्रणाली से लैस, दुश्मन को सटीक निशाना बनाने में मददगार।
- अग्नि-एक मिसाइल, अग्नि दो मिसाइल का सिंगल स्टेज वर्जन है।
- पहला परीक्षण 25 जनवरी 2002 को किया गया था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें