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भारत ने दुनिया को तेज गर्मी से बचना सिखा दिया

Tue, 27 Nov 2018 10:21 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली 
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summer - फोटो : amar ujala
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भारत ने खुद तो सीखा ही, मगर दुनिया के करीब साठ देशों को भी हीट वेव (तेज गर्मी) से बचाव करने का तरीका बता दिया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा हीट वेव की सूचना देने वाला अर्ली वॉर्निंग सिस्टम अनेक देशों को बेहद पसंद आया है। लोगों को तेज गर्मी का अलर्ट मैसेज अब इलाके के अनुसार मिलेगा। मतलब, जहां पर 'हीट वेव' संभावित है, उसके दायरे में मौजूद लोगों के पास ही अलर्ट पहुंचेगा। यह जानकारी कोई भी व्यक्ति एनडीएमए या भारतीय मौसम विभाग आईएमडी की वेबसाइट पर ले सकेगा। खास बात यह रहेगी कि यदि कोई व्यक्ति हीट वेव वाले दिन संबंधित क्षेत्र से दूर है तो उसे अलर्ट नहीं मिलेगा। जितने क्षेत्र में हीट वेव का प्रभाव रहेगा, एसएमएस भी उतने ही क्षेत्र में मौजूद लोगों के पास ही पहुंचेगा।
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एनडीएमए के सदस्य ले.जन एनसी मरवाह (सेवानिवृत्त) का कहना है कि हीट वेव एवं दूसरी प्राकतिक आपदाओं को लेकर हमारा प्राधिकरण कई तरह के प्रभावी कदम उठा रहा है। इस साल जुलाई में मंगोलिया में हुए सम्मेलन, जिसमें दुनिया के साठ देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, के दौरान एनडीएमए ने हीट वेव को लेकर एक प्रस्तुतिकरण दिया था। सभी देशों ने इसकी सराहना की थी। इसमें हीट वेव का अलर्ट सिस्टम एवं उससे बचाव के उपाय, अहम थे। एनडीएमए ने हीट वेव से निपटने के लिए जो योजना बनाई है, उसे दूसरे देश भी अपना रहे हैं। फिलहाल हीट वेव की चपेट में आने वाले 11 राज्यों में यह योजना लागू की जा रही है। इन राज्यों में हैदराबाद, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, उडीसा, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा शामिल हैं।
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हीट वेव ने ले ली इतना जान

पिछले तीन साल में हीट वेव के चलते 3500 से ज्यादा लोगों की जान गई है।केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया था कि 2015 में 2040 लोगों की मौत हीट वेव से हुई थी। 2016 में इससे 1114 लोगों की जान चली गई। पिछले साल भी 384 लोग मारे गए थे।अकेले आंध्रप्रदेश में ही तीन साल के दौरान हीट वेव ने 2381 लोगों की जान ले ली है।

एलईडी, मैप और अलर्ट मैसेज से मिलेगी हीट वेव की सूचना

एनडीएमए में हीट वेव कन्सलटेंट अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि लोगों को समय रहते सचेत करने के लिए उन्हें पुशबैक मैसेज भेजा जाएगा। इसमें हीट वेव का क्षेत्र, प्रभाव और क्या करें व क्या न करें, यह सब जानकारी रहेगी। लोगों को हीट वेव से बचने के लिए जो उपाय सुझाव गए हैं, वे बहुत ही सामान्य हैं। इसमें खाना-पीना, बाहर न निकलना और मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर हीट वेव से कैसे बचा जाए, ये सभी सूचना शामिल हैं। इसके लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और आईएमडी के पास प्रपोजल भेजा गया है। 

उम्मीद है कि इस योजना पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। साथ ही हीट वाले राज्यों में चौराहों और बड़े मार्गों के किनारे पर विशालकाय एलईडी स्क्रीन भी लगाई जा रही हैं। इस पर हीट वेव का समय और बचाव की जानकारी तस्वीरों एवं लघु वीडियो के माध्यम से दी जाएगी। इसके अलावा आईएमडी और एनडीएमए की वेबसाइट पर भी लोग मैप के अनुसार यह जानकारी हासिल कर सकेंगे।गूगल मैप पर जब लोग अपना इलाका देखेंगे तो वहां उन्हें रंगों के हिसाब से अलर्ट मिलेगा।
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