एशिया में वार्ता एवं विश्वास निर्माण उपायों पर सम्मेलन (सीआईसीए) में मंत्रियों की विशेष बैठक के दौरान भारत ने भारत ने राइट टू रिप्लाई के तहत पाकिस्तान को निशाने पर लिया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के बारे में भ्रांतियां फैलाना जारी रखकर एक और मंच का दुरुपयोग किया है। भारत ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं और रहेंगे। पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक बैठक में भारत ने कहा कि पाकिस्तान की आज की टिप्पणी भारत के आंतरिक मामलों, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता में हस्तक्षेप है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान की यह हरकत सितंबर 1999 में सीआईसीए के सदस्य देशों के बीच तय की गईं प्रमुख मार्गदर्शन संबंधों पर घोषणाओं के अनुरूप नहीं है।
पाकिस्तान में आतंकवाद को समर्थन दिए जाने का मुद्दा उठाते हुए भारत ने कहा कि पाक वैश्विक आतंकवाद का परिकेंद्र है। पाकिस्तान अभी भी भारत में आतंकी गतिविधियों का सोर्स बना हुआ है। बैठक में मौजूद भारतीय पक्ष ने कहा कि हम पाकिस्तान को सलाह देते हैं कि वह भारत के खिलाफ आतंकवाद को मदद और समर्थन देना बंद करे। भारत ने कहा कि इससे मुख्य मामलों से ध्यान भटकने के स्थान पर दोनों देश द्विपक्षीय तरीके से मुद्दों को संबोधित करने में सक्षम होंगे।