ओडिशा तट के पास डॉक्टर अब्दुल कलाम द्वीप से बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि 5 का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया गया है। सतह से सतह पर मार करने में सक्षम यह मिसाइल स्वदेश में ही विकसित की गई है। परमाणु कौशल से लैस इस मिसाइल का सफल परीक्षण सोमवार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर किया गया। यह मिसाइल का 7वां सफल परीक्षण है। इस मिसाइल को विकसित करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन गया है। अभी तक ये मिसाइल केवल अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस के ही पास थीं।
सूत्रों के मुताबिक प्रक्षेपण के बाद मिसाइल ने सीधे आसमान में उड़ान भरी। मिसाइल की लंबाई 17.5 मीटर, चौड़ाई 2 मीटर और वजन 50 टन है। अग्नि-5 में डेढ़ टन विस्फोटक पदार्थ ढोने की क्षमता है। 5-8 हजार किमी तक मार करने की क्षमता वाली इस मिसाइल का पहला सफल परीक्षण साल 2012, दूसरा 2013, तीसरा 2015, चौथा 2016, पांचवां जनवरी 2018 और छठा जून 2018 में हुआ है।
मिसाइल के परीक्षण के दौरान अंतरिम परीक्षण परिषद (आईटीआर) और रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी व वैज्ञानिक दल मौके पर मौजूद था। सूत्रों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी पर स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से मिसाइल को छोड़े जाने के बीच इसने हिंद महासागर में अचूक निशाना लगाया। इस मिसाइल को डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया है। यह अग्नि सीरीज की मिसाइल है।
जानकारी के मुताबिक भारत के पास जो अग्नि -1, अग्नि-2 और अग्नि-3 मिसाइल हैं, उन्हें पाकिस्तान को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इसके अलावा अग्नि-4 और अग्नि-5 मिसाइल को चीन को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।