विधानसभा चुनाव 2018 के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के आने वाले नतीजों ने देश की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इसे लेकर न सिर्फ अग्निपरीक्षा में उतरे सियासी दलों की धुकधुकी बढ़ी हुई है, बल्कि पूरे देश की निगाहें 11 दिसंबर के चुनावों परिणामों पर लगी हुई है। बहरहाल, 7 दिसंबर को आए एग्जिट पोल ने माहौल में सरगर्मी पैदा कर दी है। तमाम एजेंसियों के एग्जिट पोल से कयासबाजी और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कौन कितना खरा उतरा यह 11 दिसंबर को पता चलेगा।
मध्यप्रदेश
पहले ही बताया जा रहा था कि मध्यप्रदेश में भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर होने जा रही है। एग्जिट पोल में भी इसी तरह का अनुमान जताया गया है। 8 एजेंसियों में से 4 ने यहां भाजपा को बहुमत का अनुमान जताया है जबकि 4 एजेंसियों ने कांग्रेस के पक्ष में जनादेश की बात कही है। मध्यप्रदेश के इस एग्जिट पोल ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, सीएम शिवराज चौहान ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए सच्चाई के उलट बताया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा की चौथी बार सरकार बनेगी।
राजस्थान
राजस्थान चुनाव को लेकर आए एग्जिट पोल से साफ लग रहा है कि यहां कांग्रेस की सरकार आ सकती है। सिर्फ रिपब्लिक टीवी-जन की बात के सर्वे ने यहां भाजपा सरकार बनने का अनुमान जताया है। बाकी तमाम एजेंसियों के सर्वे में कांग्रेस को बहुमत मिलता दिख रहा है। एक तरह से देखा जाए तो यहां लंबे समय से चली आ रही सियासी परंपरा आगे बढ़ती दिख रही है। हालांकि, सीएम वसुंधरा राजे का दावा है कि यहां भाजपा की ही सरकार बन रही है।
छत्तीसगढ़
इस राज्य में भाजपा लगातार 15 साल से काबिज है। एग्जिट पोल की मानें तो इस बार सीएम रमन सिंह को बहुत बड़ी चुनौती मिलती नजर नहीं आ रही है। अधिकतर सर्वे में बताया गया है कि भाजपा और रमन सिंह का जादू यहां बरकरार रहेगा। अगर ऐसा होता है तो रमन सिंह अपना नाम इतिहास में दर्ज करवा देंगे।
तेलंगाना और मिजोरम
एग्जिट पोल बता रहे हैं कि तेलंगाना में टीआरएस को ही बहुमत मिल रहा है। ये एकमात्र राज्य है जहां सभी एग्जिट पोल चंद्रशेखर राव को जिता रहे हैं। कांग्रेस-टीडीपी और भाजपा पीछे छूटते नजर आ रहे हैं। वहीं मिजोरम में कांग्रेस के सामने मुश्किलें दिख रही हैं। एमएनएफ से उसे जबरदस्त चुनौती मिलती दिख रही है।
हर तरफ चर्चाओं का दौर
बहरहाल, एग्जिट पोल कितने सही साबित होते हैं इसका खुलासा तो 11 दिसंबर को ही होगा। लेकिन इस पोल ने कयासबाजी और सस्पेंस को पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया है। गली-नुक्कड़ों से लेकर टीवी चैनलों पर डिबेट जारी है कि 11 दिसंबर का हीरो कौन साबित होगा। दिल थामकर सभी इस दिन का इंतजार कर रहे हैं। सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और दिन चढ़ते चढ़ते रुझान और नतीजे आने शुरू हो जाएंगे। भाजपा के लिए सबसे अहम मध्यप्रदेश है। यहां की हार या जीत उसके 2019 के अभियान का रास्ता तय करेगी। अगर उसे यहां हार मिलती है तो 2019 की लड़ाई से पहले उसका हौसला कमजोर पड़ेगा। जीत की स्थिति में वह नए जोश के साथ आम चुनाव में उतरेगी। इतने बड़े प्रदेश में लगातार चौथी बार सरकार बनाने का मनोवैज्ञानिक लाभ उसे जरूर मिलेगा और कांग्रेस पर हमले तेज करने का हथियार भी साबित होगा।