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Airship Platform: स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप फ्लेटफॉर्म का पहला उड़ान परीक्षण सफल, बढ़ेगी सेना की निगरानी क्षमता

Sat, 03 May 2025 11:59 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मध्य प्रदेश के श्योपुर में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा शनिवार को स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप फ्लेटफॉर्म का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया गया। यह उड़ान परीक्षण पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रणाली के पहले सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ को बधाई दी।
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सेना (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत ने शनिवार को स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। यह एयरशिप प्लेटफॉर्म सेना की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दुनिया में बहुत कम देशों ने ऐसा जटिल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। 

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उड़ान परीक्षण मध्य प्रदेश के श्योपुर में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा किया गया। DRDO अध्यक्ष समीर वी कामत ने कहा कि प्रोटोटाइप उड़ान हवा से हल्के उच्च ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म सिस्टम को साकार करने की दिशा में यह परीक्षण बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह स्ट्रेटोस्फेरिक ऊंचाइयों पर बहुत लंबे समय तक हवा में रह सकता है। इससे भविष्य में और भी उन्नत सिस्टम बनाए जा सकेंगे।

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इंस्ट्रूमेंटल पेलोड के साथ 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर लॉन्च किया गया प्लेटफॉर्म
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एयरशिप प्लेटफॉर्म को इंस्ट्रूमेंटल पेलोड के साथ लगभग 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर लॉन्च किया गया था। रक्षा मंत्रालय ने कहा, 'डीआरडीओ ने 3 मई को मध्य प्रदेश के श्योपुर परीक्षण स्थल से स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म का पहला उड़ान-परीक्षण सफलतापूर्वक किया।' पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच प्लेटफॉर्म का सफल उड़ान परीक्षण हुआ।

राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण पर डीआरडीओ को दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रणाली के पहले सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भारत की पृथ्वी अवलोकन और खुफिया, निगरानी और टोही क्षमताओं को अद्वितीय रूप से बढ़ाएगी, जिससे देश दुनिया के उन कुछ देशों में से एक बन जाएगा, जिनके पास ऐसी स्वदेशी क्षमताएं हैं। 
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इस सिस्टम की खास बातें

  • इसे DRDO के आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्थान ने बनाया है।
  • इसने 17 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरी और वहां निगरानी उपकरणों के साथ डेटा रिकॉर्ड किया।
  • इससे मिले आंकड़ों का इस्तेमाल भविष्य में और बेहतर सिस्टम बनाने के लिए किया जाएगा।
  • उड़ान करीब 62 मिनट तक चली।
  • उड़ान के दौरान सिस्टम की सुरक्षा और इमरजेंसी से जुड़ी तकनीकों का भी परीक्षण किया गया।
  • उड़ान के बाद सिस्टम को सुरक्षित वापस लाया गया।

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