तुर्की और पाकिस्तान जैसे देशों द्वारा फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमानुअल मैक्रों पर कथित इस्लामोफोबिया फैलाने के आरोपों पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता ने कहा, हम अंतरराष्ट्रीय विमर्श के बुनियादी मानकों का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रपति मैक्रों पर अस्वीकार्य भाषा में व्यक्तिगत हमलों का पुरजोर विरोध करते हैं।
मंत्रालय ने कहा, हम उस आतंकी हमले की भी निंदा करते हैं, जिसमें फ्रांसीसी शिक्षक को मार दिया गया। इससे दुनिया स्तब्ध है। किसी भी कारण से और किसी भी परिस्थिति में आतंक को सही नहीं ठहराया जा सकता।
फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार का जमीयत ने किया समर्थन
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने खाड़ी देशों के मुसलमानों द्वारा फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार का समर्थन किया है। खाड़ी देशों ने फ्रांस के कथित इस्लामोफोबिया से जुडे़ विवाद के चलते यह आह्वान किया है।
जमीयत के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने पैगंबर साहब का अपमान करने वाले कार्टून का समर्थन करने के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमानुअल मैक्रों की निंदा की। उन्होंने कहा, हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन के हर माध्यम का समर्थन करते हैं। मदनी ने कहा, मुस्लिमों को संयम दिखाना चाहिए और इस्लाम का सही संदेश लोगों तक पहुंचाना चाहिए।